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30 Aug 2025, Sat

छात्रा के शव का अंतिम संस्कार, मृतका के पिता बोले- हमें मुआवजा नहीं बेटी चाहिए

भुवनेश्वर/बालासोर। ओडिशा के बालासोर में यौन उत्पीड़न से परेशान होकर आत्मदाह करने वाली छात्रा के शव का मंगलवार को बालासोर में उसके गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव गम में डूबा रहा। जिले भर के सैकड़ों लोगों ने छात्रा को श्रद्धांजलि दी। वहीं मृतका के पिता ने सरकार के मुआवजे को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि हमें मुआवजा नहीं बेटी चाहिए। उधर, छात्रा की मौत को लेकर कांग्रेस ने 17 जुलाई को ओडिशा बंद का एलान किया है।
बालासोर स्थित फकीर मोहन स्वायत्तशासी महाविद्यालय में प्रोफेसर के यौन उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर आत्मदाह करने वाली छात्रा का सोमवार देर रात को निधन हो गया था। छात्रा के शव का मंगलवार को उसके गांव में अंतिम संस्कार किया गया। छात्रा के चचेरे भाई ने उसकी चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान भाजपा बालासोर सांसद प्रताप सारंगी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी समेत हजारों लोगों ने छात्रा को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों ने न्याय के लिए लड़ते हुए और कॉलेज के शिक्षक की कथित मांग को न मानने वाली बहादुर छात्रा को अश्रुपूर्ण अंतिम विदाई दी।
‘क्या सरकार मुझे मेरी बेटी दे सकती है?’
छात्रा के पिता ने कहा कि मेरी बेटी ने मुझे लड़ना सिखाया है और मैं इसे जारी रखूंगा। मुझे पैसे या मुआवजा राशि की जरूरत नहीं है। मुझे मेरी बेटी वापस चाहिए। क्या सरकार मुझे मेरी बच्ची वापस दे सकती है? छात्रा की मां ने कहा कि कृपया मुझे माफ कर दीजिए। मैं बोल नहीं सकती। छात्रा के दादा ने कहा कि सरकार उसे न्याय दिलाने में नाकाम रही। इसलिए उसने अपनी जान दे दी। उसने विधायक से लेकर केंद्रीय मंत्री तक सभी से गुहार लगाई थी।
ग्रामीणों ने की दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने भी छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एक ग्रामीण ने कहा कि छात्रा प्राकृतिक आपदाओं, खासकर बाढ़ के दौरान सक्रिय रहती थी। वह बाढ़ के दौरान महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में प्रशासन की मदद करती थी। एक शिक्षक ने कहा कि हमें विश्वास नहीं है कि वह आत्महत्या करेगी। वह मानसिक रूप से मजबूत और प्रतिभाशाली छात्रा थी। वह मेरी छात्रा थी। न्याय न मिलने पर उसे आग लगाकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया।
12 जुलाई को किया था आत्मदाह
गौरतलब है कि फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज, बालासोर के एकीकृत बीएड कार्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शनिवार 12 जुलाई को एचओडी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए खुद को आग लगा ली थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि शिक्षक ने उसका यौन और मानसिक उत्पीड़न किया था। छात्रा का सोमवार देर रात को निधन हो गया था। उसने एम्स भुवनेश्वर में अंतिम सांस ली।

By Aryavartkranti Bureau

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