एक मिनट में 60 गोलियां दागता है चीन का ये भेड़िया, जिनपिंग की सेना के साथ लड़ेगा जंग!

बीजिंग। चीन की सेना (PLA) ने अपने कुनबे में रोबोटिक भेड़िए को शामिल किया है। मंगलवार (5 अगस्त) को भेड़िए के साथ सेना के जवानों ने एक्सरसाइज भी किया। इस दौरान भेड़िया गोली बरसाते नजर आया है। हर एक सेकेंड पर आम सैनिकों की तरह भेड़िया एक गोली चला रहा था।
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीन की थल सेना को अत्याधुनिक करने का यह एक प्रयास है। इसी प्रयास के तहत मंगलवार को चीन की सेना ने रोबोटिक भेड़िए के साथ प्रैक्टिस की।
पहाड़-बर्फ पर लड़ाई करने में माहिर
सीसीटीवी की तरफ जो वीडियो जारी की गई है, उसमें भेड़िए को पहले सीढ़ियों पर चढ़ाया जा रहा है। भेड़िए आम सैनिकों की तरह आसानी से सीढ़ी चढ़ जा रहे हैं। उसके बाद सैनिक भेड़िए को लेकर पहाड़ पर जाते हैं। वहां भी भेड़िए आसानी से ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।
इसके बाद भेड़िए को बर्फ वाले इलाके में ले जाया जाता है। यहां भी रोबोटिक भेड़िए आम सैनिकों के साथ एक्सरसाइज करते देखे जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह एक्सरसाइज सफल रहा है। जल्द ही पीएलए की तरफ से रोबोटिक भेड़िए को लेकर अपडेट जारी किया जाएगा।
2024 में शामिल करने की घोषणा की थी
साल 2024 में चीन ने पहली बार रोबोटिक भेड़िए को अपने कुनबे में शामिल करने की बात कही थी। उस वक्त भेड़िए को लेकर एक तस्वीर भी जारी की गई थी। भेड़िए के अंदर QBZ-191 असॉल्ट राइफल सेट किया गया था, जिससे वो आसानी से गोली चला सके।
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक एक रोबोट भेड़िए का वजन करीब 70 किमी है। चीन ने इसे सुदूर इलाकों में लड़ाई के लिए बनाया है। इस भेड़िए को चाइना साउथ इंडस्ट्रीज ग्रुप कॉर्पोरेशन ने बनाया है। यह आम सैनिकों के साथ ही अपने ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है।
इतने देशों से है चीन की दुश्मनी
विस्तारवादी सोच वाले चीन की दुश्मनी अभी जापान, फिलिपींस, ताइवान, भारत जैसे देशों से है। इन देशों से चीन की दुश्मनी सीधे सीमा को लेकर है। वहीं अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से प्रभुत्व को लेकर चीन की लड़ाई है।
ब्रिटेन ने हाल ही में ऐलान किया है कि अगर ताइवान को चीन छेड़ता है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। अमेरिका भी ताइवान के समर्थन में है। लेह-लद्दाख और पूर्वोत्तर की सीमा पर चीन की लड़ाई भारत से भी है।

Aryavartkranti Bureau
Aryavartkranti Bureauhttp://www.aryavartkranti.com
आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।
अन्य ख़बर

Most Popular