नेपाल हिंसा के बाद म्यांमार बॉर्डर पर हालात कैसे हैं? मिजोरम के गवर्नर जनरल वीके सिंह ने बताया

नई दिल्ली, एजेंसी। पड़ोसी देशों में बिगड़ते हालात के बीच मिजोरम के गवर्नर जनरल वीके सिंह ने दावा किया है कि म्यांमार बॉर्डर पर हालात बहुत सामान्य है। साथ ही उन्होंने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत में रेल कनेक्टिविटी पर भी बात की। जनरल ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी बढ़ने से कई तरह की समस्याओं का समाधान होगा।
जनरल वीके सिंह ने कहा कि आइजोल तक रेल की कनेक्टिविटी बहुत बड़ी बात है और यह मैं इसलिए कह रहा हूं कि अगर आप इसकी तुलना करें तो आप जानेंगे कि यहां अब तक रेल कनेक्टिविटी क्यों नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल के अंदर ऐसा क्या हुआ कि अब यहां तक ट्रेन पहुंच गई है।
कलादान प्रोजेक्ट पर की चर्चा
जनरल वीके सिंह ने कहा कि इस कनेक्टिविटी को कलादान प्रोजेक्ट के लिए 227 किलोमीटर आगे ले जाना है ताकि म्यांमार की सीमा तक पहुंचे, जहां पर आपका कलादान प्रोजेक्ट शुरू होता है। उसका पूरा उपयोग तभी होगा जब ट्रेन वहां तक पहुंचेगी क्योंकि लॉजिस्टिक का खर्च बहुत ज्यादा आ जाता है। उन्होंने कहा कि जिस चीज को कम करने के लिए आप जहाज से पोर्ट पर सामान लाना चाहते हैं और उसके बाद नदी और रोड के जरिए आप अपने बॉर्डर तक लाना चाहते हैं, उसका पूरा उपयोग तभी होगा जब वहां तक ट्रेन पहुंचेगी।
दूरबीन से देखते थे नॉर्थ ईस्ट को
जनरल वीके सिंह ने कहा कि अगर आप देखेंगे कि अशांति का एक कारण यह भी था कि लोग सोचते थे कि हम कलेक्टर नहीं हैं। शायद उस समय दिल्ली में भी लोग दूरबीन लगाकर नॉर्थ ईस्ट को देखते थे कि नॉर्थ ईस्ट कहां पर है, ट्रेन के आने से वह दूरी कम हो जाती है। ट्रेन के आने से लोगों के अंदर उत्साह आ जाता है। हम ज्यादा संख्या में जा सकते हैं। ज्यादा मात्रा में केंद्र सामान ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां से चेन्नई और दिल्ली से चेन्नई जाने में कोई फर्क नहीं है।
म्यांमार बॉर्डर पर शांति
गर्वनर ने कहा कि जहां तक म्यांमार के बॉर्डर की बात है तो म्यांमार के अंदर कोई समस्या नहीं है। म्यांमार को आजादी मिली तब से कुछ न कुछ समस्या आती रही है। वहां पर भी विभिन्नता काफी है और अलग-अलग समय पर अलग-अलग लोग वहां पर आए जिन्होंने शासन चलाया। लोगों के अगर असंतोष पैदा हुआ और उस असंतोष से चीजें बिगड़ी हैं। जनरल ने कहा कि मेरा मानना है कि अब जब वहां पर इलेक्शन की घोषणा हो गई है, हो सकता है इलेक्शन के बाद चीज सुधरे। उन्होंने कहा कि कहां तक सुधरेंगी ये नहीं कहा जा सकता।
अशांत होने पर भारत आते हैं लोग
जनरल वीके सिंह ने कहा कि भारत-म्यांमार सीमा के दोनों तरफ जनजातीय समाज एक ही तरह का है। आपस में उनके रिश्ते हैं, शादी के रिश्ते हैं, भाई-बहन के रिश्ते हैं। एक भाई उधर रहता है तो एक भाई इधर रहता है। उन्होंने कहा कि अभी तक मिजोरम शांत रहा है। आगे भी शांत रहेगा। दूसरी तरफ क्या होता है, उसका असर सिर्फ यही होता है कि हम शरणार्थी कितने आते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि फेंसिंग एक पुराना जरिया है। आजकल टेक्नोलॉजी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दूसरे रास्ते भी अपना सकते हैं जिससे भी बॉर्डर पर शांति हो सकती है।

Aryavartkranti Bureau
Aryavartkranti Bureauhttp://www.aryavartkranti.com
आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।
अन्य ख़बर

Most Popular