ट्रंप के टैरिफ के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे जयशंकर-रुबियो; व्यापार और सुरक्षा पर रहेगा फोकस

वॉशिंगटन, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की हलचल के बीच भारत और अमेरिका के शीर्ष अधिकारी आज आमने-सामने बैठने जा रहे हैं। अमेरिकी एडवाइजरी के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की यह बैठक न्यूयॉर्क में भारतीय समयानुसार देर रात करीब 8.30 पर होगी। भारत-अमेरिका रिश्ते बीते कुछ महीने में कई उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं, लेकिन दोनों देशों ने हमेशा रिश्तों को आगे बढ़ाने की कोशिश की है।
जयशंकर और रुबियो की यह मुलाकात आने वाले महीनों में व्यापार और कूटनीतिक समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। यह बैठक खास इसलिए है क्योंकि ट्रंप सरकार द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद यह दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों की पहली सीधी वार्ता होगी। इस कदम से दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन बिगड़ा था और तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में दोनों पक्षों की कोशिश रहेगी कि बातचीत से हल निकले।
इस साल की तीसरी मुलाकात
यह इस साल दोनों नेताओं की तीसरी आमने-सामने बैठक होगी। जनवरी में जयशंकर ने रुबियो से वॉशिंगटन में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान पहली बार बैठक की थी। इसके बाद जुलाई में दोनों की मुलाकात फिर वॉशिंगटन में दूसरी क्वाड बैठक में हुई। वहीं, तीसरी मुलाकात यानी आज की चर्चा में व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर जोर दिए जाने की उम्मीद है।
व्यापार वार्ता की पृष्ठभूमि
भारत और अमेरिका के बीच आज ही अलग से व्यापार वार्ता भी हो रही है। माना जा रहा हैं कि जयशंकर-रुबियो की बैठक इस वार्ता को मजबूती दे सकती है। व्यापार घाटा, निवेश और टैरिफ कटौती जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत साफ कर चुका है कि टैरिफ का बोझ उसके उद्योग और निर्यातकों पर भारी पड़ रहा है।
इस मुलाकात को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि बैठक केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष के असर और वैश्विक आपूर्ति शृंखला जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत उसकी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करे। वहीं भारत संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखना चाहता है।

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