पीएसी स्थापना दिवस: सीएम योगी बोले- बीते साढ़े आठ वर्षों में हमने यूपी की बदली हुई तस्वीर देश के सामने रखी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद हमने पूरे देश के सामने उत्तर प्रदेश की बदली हुई तस्वीर सामने रखी। अब प्रदेश तेजी से विकसित हो रहा है और निवेशक यहां पर आने के लिए उत्साहित हैं। यह बेहतर कानून व्यवस्था के कारण ही संभव हो सका है। सीएम योगी बुधवार को महानगर स्थित पीएवी की 35वीं बटालियन में पीएसी स्थापना दिवस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से पीएसी की संख्या, क्षमता, उसका प्रशिक्षण और तकनीक के स्तर पर उन्हें सशक्त बनाने का काम जारी है। पीएसी को अत्याधुनिक हथियारों और दंगा नियंत्रण उपकरणों से सुसज्जित किया
गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में पीएसी बल आंतरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, प्रदेश में महत्वपूर्ण त्योहारों, अतिविशिष्ट महानुभावों के आगमन, लोकतंत्र के महापर्व ‘चुनाव’ को शांतिपूर्ण ढंग से सुनिश्चित करने के साथ ही संवेदनशील परिस्थितियों में अग्रिम मोर्च पर कार्य करता है। पीएसी के अधिकारी व कार्मिक विभिन्न आयामों के माध्यम से न सिर्फ यूपी, बल्कि देश के अंदर यूपी पीएसी बल, एसएसएफ, यातायात पुलिस, प्रतिसार निरीक्षक ड्यूटी, प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षक, एटीएस व एसटीएफ कमांडो के रूप में सेवाएं प्रदान कर कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
सीएम योगी ने पीएसी के अदम्य साहस को भी गिनाया
सीएम योगी ने पीएसी बल के अदम्य साहस की चर्चा की। बताया कि 30वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकी हमले का जवाब दिया और पांचों आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। जुलाई 2005 में श्रीराम जन्मभूमि परिसर अयोध्या में आतंकी हमले के दौरान सीआरपीएफ, पीएसी और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी आतंकियों को मार गिराया गया था।
यूपी की बेहतर छवि को देश के सामने रखने मे मिली सफलता
सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने पीएसी की 46 कंपनियों को पुनर्जीवित करते हुए यूपी के अंदर बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखा और आंतरिक सुरक्षा के माध्यम से यूपी की बेहतर छवि को देश के सामने प्रस्तुत करने में सफलता हासिल की। संख्या, क्षमता, प्रशिक्षण, तकनीक के स्तर पर पीएसी की सशक्त बनाने का कार्य निरंतर जारी है। अत्याधुनिक हथियारों व दंगा नियंत्रण उपकरणों से सुसज्जित करते हुए पीएसी को एसएलआर, इंसास राइफल, मल्टीसेल लांचर, एंटी राइड गन, टियर गैस गन समेत अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण भी प्रदान किए गए।
खेल के बजट को 70 लाख से बढ़ाकर किया गया 10 करोड़ रुपये
सीएम योगी ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए यूपी में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की छह कंपनियों में 18 टीमें प्रदेश को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश पुलिस को बढ़ावा देने के लिए दो प्रतिशत पद कुशल खिलाड़ियों की भर्ती के लिए आरक्षित किए गए हैं। पहली बार 480 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती हमारी सरकार द्वारा संपन्न की जा चुकी है। 768 पदों पर अधियाचन व भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस 2024 पर खेल के बजट को 70 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। 2025 में प्रदेश पुलिस की टीम की ओर से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हुए खिलाड़ियों द्वारा 14 स्वर्ण पदक, दो रजत व तीन कांस्य पदक अर्जित किए गए। विभिन्न राष्ट्रीय व अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों द्वारा 94 स्वर्ण, 70 रजत व 111 कांस्य पदक अर्जित किए गए।
तीन महिला पीएसी वाहिनी का किया गया गठन
सीएम ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0- महिला सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन के साथ ही स्वास्थ्य व सशक्तिकरण को भी बढ़ा रहा है। पहली बार यूपी की तीन अतिरिक्त महिला पीएसी वाहिनी (लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई और बदायूं में अवंती बाई) का गठन किया गया है।
तीन अन्य महिला वाहिनियों की स्थापना के क्रम में जालौन व मीरजापुर में भूमि प्राप्त हो चुकी है। बलरामपुर में भूमि क्रय की कार्रवाई चल रही है। महिला उपनिरीक्षकों के 106, महिला आरक्षियों के 2282 पदों के सापेक्ष भर्ती कार्रवाई भी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने 17 नगर निगम में सेफ सिटी के लक्ष्य को प्राप्त करने और यूपीएसएसएफ की छह वाहिनी द्वारा प्रदेश भर में महत्वपूर्ण स्थलों व इमारतों की सुरक्षा में योगदान का भी जिक्र किया। समारोह में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार आदि मौजूद रहे।

Aryavartkranti Bureau
Aryavartkranti Bureauhttp://www.aryavartkranti.com
आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।
अन्य ख़बर

Most Popular