वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से अपील की है कि वे हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित द्वीप डिएगो गार्सिया को मॉरीशस को न सौंपें। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में चल रही बातचीत असफल रहती है तो ईरान पर हमले के लिए अमेरिका को डिएगो गार्सिया द्वीप की जरूरत पड़ेगी। गौरतलब है कि बीते साल ब्रिटेन ने हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से बेहद अहम द्वीप डिएगो गार्सिया को मॉरीशस को सौंपने का एलान किया था। हालांकि 99 साल की लीज पर अमेरिका-ब्रिटेन का सैन्य अड्डा द्वीप पर बरकरार रहेगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा
ट्रंप ने चागोस द्वीप को मॉरीशस को सौंपने के ब्रिटेन सरकार के फैसले को एक बड़ी गलती बताया।
सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ‘मैं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से कहता रहा हूं कि देशों के मामलों में पट्टे (लीज) का कोई महत्व नहीं होता। हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से स्थित डिएगो गार्सिया पर 100 साल का पट्टा समझौता करके वे बड़ी गलती कर रहे हैं। ब्रिटेन के साथ हमारे मजबूत संबंध हैं और ये संबंध कई वर्षों से हैं, लेकिन प्रधानमंत्री स्टार्मर इस द्वीप पर अपना नियंत्रण खो रहे हैं।’
ट्रंप ने आगे लिखा, ‘अगर ईरान समझौता करने से इनकार कर देता है तो अमेरिका को डिएगो गार्सिया द्वीप की जरूरत पड़ सकती है। प्रधानमंत्री स्टार्मर को किसी भी वजह से डिएगो गार्सिया पर अपना नियंत्रण नहीं खोना चाहिए।’ ट्रंप ने ये भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे ब्रिटेन के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं।
ट्रंप ने लिखा, ‘अगर ब्रिटेन से जमीन छीनी जाती है तो ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। हम ब्रिटेन के लिए लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। लेकिन ब्रिटेन को मजबूत रहना होगा।’
द्वीप को मॉरीशस को देने को तैयार हुआ ब्रिटेन
मॉरीशस को साल 1968 में ब्रिटेन के शासन से आजादी मिली, लेकिन डिएगो गार्सिया द्वीप ब्रिटेन का उपनिवेश बना रहा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के 2019 के फैसले और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते ब्रिटेन की सरकार ने साल 2025 में मॉरीशस के साथ हुए एक समझौते में चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस को वापस लौटाने का फैसला किया। वहीं डिएगो गार्सिया द्वीप को 99 साल के पट्टे पर बरकरार रखने का फैसला किया, जहां ब्रिटेन का सैन्य अड्डा रहेगा। डिएगो गार्सिया द्वीप हिंद महासागर में रणनीतिक लिहाज से बेहद अहम जगह पर है। यही वजह है कि ट्रंप इस द्वीप को छोड़ने के ब्रिटेन के फैसले के खिलाफ हैं।
गार्सिया द्वीप पर ब्रिटेन का कब्जा खत्म होने से घबराया यूएस, ट्रंप ने कहा- ईरान पर हमले के लिए चाहिए

