बार-बार बेइज्जत होने के बाद भी ईरान के खिलाफ US का सपोर्ट क्यों नहीं कर रहे कीर स्टार्मर?

तेहरान, एजेंसी। ईरान युद्ध में समर्थन न देने के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति लगातार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का मजाक उड़ा रहे हैं। ट्रंप ने रविवार को एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की बेइज्जती करते दिख रहे हैं। ट्रंप स्टार्मर को कई मौकों पर भला-बुरा भी कह चुके हैं। इसके बावजूद ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका का सपोर्ट न करने का फैसला किया है।
सवाल उठ रहा है कि इराक और अफगानिस्तान में अमेरिका का आंख मूंदकर सपोर्ट करने वाला ब्रिटेन ईरान मामले में चुप्पी क्यों साध रखी है?
जंग से क्यों दूरी बना रहा ब्रिटेन?
1- यूरोप पहले से जंग में फंसा है- ब्रिटेन यूरोप में स्थित है और यूरोप पहले से जंग में फंसा है। रूस और यूक्रेन के बीच 2022 से ही लड़ाई चल रही है। ब्रिटेन इस लड़ाई में रूस के खिलाफ है। रूस दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक है। ऐसे में अगर ब्रिटेन अमेरिका के लिए ईरान की तरफ रूख करता है तो रूस यूरोप में अपना दबदबा बढ़ा सकता है, जिसका सीधा नुकसान ब्रिटेन को होगा। यही वजह है कि ब्रिटेन अपना कदम फूंक-फूंक कर रख रहा है।
2- जानबूझकर जंग का ऑप्शन चुना- ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पॉवेल ने हाल ही में एक रिपोर्ट ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को सौंपी थी। पॉवेल का कहना था कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता लगभग फाइनल हो गया था। इसके बावजूद अमेरिका ने इजराइल के कहने पर अटैक कर दिया। ब्रिटेन का मानना है कि अमेरिका ने जानबूझकर जंग का ऑप्शन चुना है। इसलिए इस लड़ाई में कूदने से बचना चाहिए।
3- 20 मिनट में हो जाएगा ईरान का हमला– द सन के मुताबिक ईरान से अमेरिका की दूरी करीब 12000 किलोमीटर है। वहीं ईरान से ब्रिटेन की दूरी 2700 किमी के आसपास है। ईरान के पास ब्रिटेन पर हमला करने के लिए कई खतरनाक मिसाइलें मौजूद हैं। ईरान 20 मिनट के भीतर ब्रिटेन पर हमला कर सकता है। हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री ने इस बाबत ब्रिटेन को चेतावनी भी भेजी थी। ब्रिटेन नहीं चाहता है कि इस जंग में उसके लोग भी सफर करें।
4- तीसरे विश्व युद्ध का खतरा- ईरान जंग में अगर ब्रिटेन उतरता है, तो तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा दुनिया पर मंडरा सकता है। अभी जो सीजफायर की उम्मीद है, वो भी खत्म हो जाएगी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री यह जानते हैं कि इससे मिडिल ईस्ट और यूरोप को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। यही वजह है कि स्टार्मर ट्रंप की बेइज्जती सह कर भी खामोश हैं।

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