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7 Apr 2026, Tue

संन्यासी वेश छोड़ ‘आईआईटी वाले बाबा’ बने दूल्हा, इंजीनियर संग सात फेरे लेकर गांव पहुंचे तो देखने वालों की लग गई भीड़

झज्जर। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अपने संन्यासी वेश और फर्राटेदार बातों से रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बने ‘आईआईटी वाले बाबा’ यानी अभय सिंह अब एक नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं। अध्यात्म के मार्ग पर चलने का दावा करने वाले अभय ने अचानक गृहस्थ जीवन में कदम रख लिया है। उन्होंने कर्नाटक की रहने वाली एक महिला इंजीनियर को अपना जीवनसाथी चुना है। विवाह के बाद जब यह नवविवाहित जोड़ा पहली बार हरियाणा स्थित अपने पैतृक गांव पहुंचा, तो उन्हें देखने और उनके साथ सेल्फी लेने वालों का तांता लग गया।
महाशिवरात्रि पर मंदिर में रचाई शादी, फिर की कोर्ट मैरिज
महाकुंभ में जमकर सुर्खियां बटोरने के बाद अभय सिंह अचानक सोमवार को अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ हरियाणा के झज्जर तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने अपने पिता कर्ण सिंह के वकालत चेंबर में जाकर उनका आशीर्वाद लिया। अभय के पिता झज्जर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रह चुके हैं। मीडिया से बातचीत में अभय ने अपनी शादी का राज खोलते हुए बताया कि उन्होंने बीते 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के अघंजर महादेव मंदिर में प्रीतिका के साथ सात फेरे लिए थे। इसके बाद 19 फरवरी को दोनों ने कानूनी रूप से कोर्ट मैरिज भी कर ली। बेंगलुरु की रहने वाली प्रीतिका पेशे से इंजीनियर हैं और इन दोनों की पहली मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी।
सनातन यूनिवर्सिटी बनाने का रखा लक्ष्य
पति के साथ झज्जर पहुंचीं प्रीतिका ने अपनी नई जिंदगी को लेकर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि अभय बेहद सरल, सच्चे और ईमानदार स्वभाव के इंसान हैं। अध्यात्म में गहरी रुचि रखने वाले इस नवदंपति ने अब भविष्य के लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। प्रीतिका के मुताबिक, वे दोनों मिलकर सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। अभय ने बताया कि वे ‘श्री यूनिवर्सिटीÓ नाम से एक सनातन विश्वविद्यालय बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के साधकों और गुरुओं को एक जगह एकत्रित करना होगा। यहां छात्रों को किताबी और सांसारिक ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक साधना का भी पाठ पढ़ाया जाएगा।
तहसील में सेल्फी लेने वालों का लगा जमावड़ा
अपने पिता के चेंबर में बैठकर अभय काफी खुश नजर आए। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि पढ़ाई के दिनों में वह अक्सर यहां आकर वकालत के मुकदमों की फाइलें देखा करते थे। इस बार झज्जर आने का मुख्य कारण बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराना और माता-पिता से आशीर्वाद लेना था। सांसारिक मोह-माया से दूर रहने की बात कहने वाले अभय फिलहाल अपनी पत्नी के साथ हिमाचल प्रदेश में ही रह रहे हैं। वहीं, जैसे ही लोगों को पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए आईआईटी वाले बाबा तहसील में आए हैं, तो चेंबर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी लेने के लिए होड़ करते नजर आए। हालांकि, अभय के इस अचानक लिए गए फैसले और शादी को लेकर अभी तक उनके परिजनों की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है।

By Aryavartkranti Bureau

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