गौतमबुद्धनगर में आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त चेतावनी, उपद्रव पर होगी कड़ी कार्रवाई, ब्लैकलिस्ट होंगी एजेंसियां

गौतमबुद्धनगर। जनपद में औद्योगिक शांति बनाए रखने और शासन की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में सम्पन्न हुई, जिसमें विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से जुड़ी आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियां अपने कर्मचारियों और श्रमिकों को अनुशासित बनाए रखने की जिम्मेदारी लें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के सुचारू संचालन में एजेंसियों और संविदाकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे न केवल उद्योगों को चलाने में सहयोग करते हैं बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।
जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी एजेंसी या उसके कर्मचारी/श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की भी मानी जाएगी। ऐसे मामलों में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में न्यूनतम वेतन को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित वेतनमान के अनुसार अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 15,059 और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 प्रतिमाह वेतन तय किया गया है। सभी संविदाकारों को निर्देशित किया गया कि वे इन मानकों का पूर्ण रूप से पालन करें और श्रमिकों के बैंक खातों में समय पर पूरा वेतन ट्रांसफर सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक- तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि किसी एक पक्ष पर असर पड़ता है, तो इसका सीधा प्रभाव अन्य पक्षों और समग्र आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। औद्योगिक गतिविधियों में व्यवधान से रोजगार पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे क्षेत्रीय विकास प्रभावित होता है।
जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों और श्रमिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और आपसी समन्वय एवं विश्वास के साथ कार्य करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तत्पर रहेगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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