‘हिंदू बोलते ही मार दिया…’ फफक पड़ीं ऐशान्या, शुभम की मौत का बदला चाहता है कानपुर!

कानपुर। ‘मैं और शुभम बैठकर मैगी खाने जा रहे थे… मेरी बहन थोड़ी दूर बैठी थी और पापा मेरे वॉशरूम गए थे… उतने देर में एक बंदा पीछे से आया… और उसने गोली साइड में रखी और पूछा कि हिंदू है या मुसलमान… मुसलमान है तो पहले कलमा पढ़कर दिखा… हमें पता ही नहीं… हम पीछे मुड़कर देखें कि आखिर हो क्या रहा है… मैंने उसकी तरफ स्माईल करके पूछा कि भईया क्या हुआ… उसने पूछा कि हिंदू है या मुसलमान… मैंने बोला हिंदू… फिर मार दिया… सबको मार दिया’
खौफनाक मंजर को याद करके ऐशान्या फफक कर रो पड़ रही हैं। कानपुर के हाथीपुर गांव में गम और गुस्से का माहौल है। शुभम द्विवेदी का पूरा परिवार बदहवास है। इकलौते बेटे की हत्या पर शुभम के पिता फफक-फफकर रो रहे हैं। थोड़ी देर पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभम के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान भी पिता हाथ जोड़कर बिलखते दिखे। उनका एक ही सवाल था कि मेरे बेटे का कसूर क्या था? उसके हत्यारों को सजा कब मिलेगी?
बेसुध ऐशान्या, फरवरी में ही हुई थी शादी
वहीं, एक कोने में शुभम की पत्नी ऐशान्या बदहवास बैठी हैं। खौफनाक मंजर याद करके वह सिहर उठती हैं। फरवरी में ही शुभम और ऐशान्या की शादी हुई थी। परिवार के 11 सदस्यों के साथ वह कश्मीर घूमने गई थी। मंगलवार को पूरा परिवार पहलगाम में था। इसी दौरान आतंकियों ने टूरिस्टों पर हमला कर दिया। ऐशान्या की माने तो आतंकियों ने सबसे पहले धर्म पूछा… जैसे ही शुभम के मुंह से हिंदू निकला तो उसे मार दिया। शुभम की मौत पर ऐशान्या बेसुध पड़ गईं।
‘अपने सरकार को बता देना कि हमने क्या किया’
ऐशान्या ने आतंकियों से खुद को भी मारने की अपील की, लेकिन आतंकियों ने मना कर दिया और कहा कि अपने सरकार को बता देना… मंगलवार से ही ऐशान्या अपने पति शुभम की लाश के साथ हैं। एक रोज पहले ही दोनों का हंसी मजाक करते हुए एक वीडियो सामने आया था, लेकिन अब सबकुछ मातम में बदल चुका है। ऐशान्या के जेहन में अब गोली की आवाज की गूंज है, जिसे याद करके वह हर किसी से पूछ रही हैं कि मेरे शुभम को क्यों मार दिया?
‘शुभम की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए’
शुभम का अंतिम संस्कार कानपुर के ही ड्योढ़ी घाट पर किया जा रहा है। पूरे गांव में गम का माहौल है और हर किसी की आंखें नम हैं। शुभम का अंतिम दर्शन करने उनके दोस्त भी पहुंचे हैं। 30 साल से शुभम के साथ हर खट्टी-मिट्ठी याद रखने वाले प्रशांत भी रो रहे हैं। टीवी9 डिजिटल से बात करते हुए प्रशांत ने कहा कि अभी तक मुझे यकीन नहीं हो रहा है… शुभम की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए… सरकार से अपील है कि उसकी शहादत का बदला लिया जाए।
गुस्से में कानपुर, चाहता है पाकिस्तान से बदला
शुभम की निर्ममता से की गई हत्या का गुस्सा पूरा कानपुर में देखा जा सकता है। हर कोई आतंकियों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग कर रहा है। शुभम की हत्या के विरोध में पूरे कानपुर में प्रदर्शन का दौर भी जारी है। कई जगहों पर दुकानें भी बंद हैं। कानपुर के लोगों की सरकार से मांग है कि पाकिस्तान के खिलाफ अगर युद्ध भी छेड़ना पड़े तो पीछे न हटे, लेकिन इस बार आतंकवाद का समूल नाश कर दिया जाए… पूरे कानपुर में गूंज रहा है- ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद!’

‘मेरा दोस्त हीरा था… अब मोदी को एक्शन लेना चाहिए’
शुभम को याद करते हुए प्रशांत ने कहा, ‘वह सबसे खुशमिजाज मेरा दोस्त था… वह हीरा था… उससे ज्यादा मेरे पास शब्द नहीं है… पीएम मोदी से अपील है कि शुभम की शहादत का बदला वैसे ही लिया जाए, जैसे उसकी निर्मम तरीके से हत्या की गई है।’ शुभम के एक और दोस्त आशुतोष भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, ‘शुभम की हत्या के बाद आतंकियों ने कहा था कि जाओ मोदी को बता देना… अब मोदी को एक्शन लेना चाहिए।’

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