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12 Aug 2026, Wed

लखनऊ व्यापार मंडल हुआ और मजबूत! सैकड़ों व्यापारियों के जुड़ने से बढ़ी संगठन की ताकत

लखनऊ । लखनऊ में व्यापारियों के प्रमुख संगठन लखनऊ व्यापार मण्डल को उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब वरिष्ठ व्यापारी नेता अमिताभ श्रीवास्तव, दीपक चौहान, संतोष त्रिपाठी और आशीष शर्मा ने संगठन में पुनः वापसी की। भूतनाथ स्थित होटल में ट्रान्सगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित समारोह में सभी का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया।

अमिताभ श्रीवास्तव के साथ कृष्णवीर सिंह, गौतम सिंह, सूरज यादव, अक्षय जायसवाल, अनुज सिन्हा, सुशील श्रीवास्तव, रजनीश टोडरिया, अभिषेक राय, धर्मेंद्र तिवारी, सिद्धार्थ जैन, शशि प्रताप सिसोदिया, राहुल शर्मा, मनोज सिंह, शुभम पांडे, सुधीर कुमार, अभिजीत सिंह, हेमेंद्र सिंह, विशाल चौहान, मनु शुक्ला, दीपक शुक्ला, विक्की दयालानी, निखिल विशनानी, अमन बक्शी, निखिल तोलानी, तरुण वाधवानी, दीपक अग्रवाल, गौरव बाजपेई, रोहित राठौर, शिवम पटेल, विशाल अग्निहोत्री और शिवमूरत सहित सैकड़ों व्यापारियों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की।

इस मौके पर यू.पी.आई. लेन-देन शुल्क, जियो टैगिंग, अतिक्रमण, ई-रिक्शा संचालन और प्रशासनिक उत्पीड़न जैसे मुद्दों को लेकर व्यापारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। 

वरिष्ठ व्यापारी नेता अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ व्यापार मण्डल हमेशा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और सभी व्यापारियों को एक मंच पर आकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना चाहिए। वहीं ट्रान्सगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने अमिताभ श्रीवास्तव की वापसी को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे व्यापारियों की लड़ाई को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने यू.पी.आई. लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क लगाए जाने का विरोध किया और कहा कि डिजिटल भुगतान को पूरी तरह निःशुल्क रखा जाना चाहिए।

इस दौरान लखनऊ व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव उनके लिए छोटे भाई की तरह थे, हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लालफीताशाही और कुछ अधिकारियों के रवैये के कारण व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने जियो टैगिंग के नाम पर कथित उत्पीड़न, अतिक्रमण और ई-रिक्शा संचालन को लेकर स्पष्ट नीति की आवश्यकता पर जोर दिया।

अमरनाथ मिश्र ने कहा कि यदि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष और आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की आवाज जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने के बावजूद समाधान नहीं होने की स्थिति में संगठित संघर्ष जरूरी हो जाता है। 

वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि लखनऊ व्यापार मण्डल व्यापारियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं वरिष्ठ महामंत्री उमेश शर्मा ने अमिताभ श्रीवास्तव की वापसी को संगठन के लिए नई ऊर्जा बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और व्यापारी वर्ग में व्यापक जनाधार से संगठन को और मजबूती मिलेगी। कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी ने कहा कि व्यापारी देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन विभिन्न विभागों की जटिल प्रक्रियाओं, नोटिसों और प्रशासनिक समस्याओं से व्यापारी वर्ग परेशान है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा।