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12 Mar 2026, Thu

मुझे लगा पटाखा है, बाद में पता चला गोली चली… हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर रात एक युवक ने हमला कर दिया। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें समय रहते बचा लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह 20 सालों से हमले की प्लानिंग कर रहा था। इस पूरी घटना के बाद अब फारूक अब्दुल्ला का भी बयान सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा कि मैं हमला करने वाले आदमी को नहीं जानता हूं। मुझे यह भी नहीं पता इसका क्या मकसद था क्या रंजिश थी।
हमले के बाद पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें हमले के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। जब वह कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल रहे थे, तभी उन्हें पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने जल्दी से कार में बैठा दिया।
उन्हें लगा कि वह गोली नहीं पटाखा था, जो शादियों में आमतौर पर चलाए जाते हैं। हालांकि बाद में उनके सुरक्षाकर्मी में कार में बताया कि वह गोली की आवाज थी।फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मै हमला करने वाले उस आदमी को नहीं जानता हूं। यह भी नहीं पता कि उसके हमला करने के पीछे का मकसद क्या था और क्या पुरानी रंजिश थी।
अब्दुल्ला ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
अब्दुल्ला ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस शादी में सभी बड़े लोग थे पुलिस का वहां इंतजाम नही था। पुलिस को ख्याल रखना चाहिए था। उन्होंने बताया कि मुझे गृहमंत्री अमित शाह का भी फोन आया था। उन्होने पूछा आप कैसे हैं।उन्होने कहा हम उसी तहकीकात करेंगे।जांच इनको करनी चाहिए क्या वजह थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नफरत का जाल फैला हुआ है। वतन में नफरतों ने जड़े पकड़ ली है। दोस्ती और मोहब्बत की बात करने वालो के लिए जगह नहीं है। जबकि हर धर्म प्यार मोहब्बत सिखाता है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां आतंकवाद बहुत बढ़ चुका है और इसे पूरी तरह नियंत्रित करना आसान नहीं है।
लोकतंत्र में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक- अब्दुल्ला
अब्दुल्ला ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सभी को मिलकर काम करना चाहिए और अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनी हुई सरकार के पास पर्याप्त अधिकार नहीं हैं और ऐसे हालात में व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकती है। साथ ही याद दिलाया कि जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था।

By Aryavartkranti Bureau

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