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7 Jan 2026, Wed

फोटो-लोकेशन जो शेयर करते हैं… साइबर फ्रॉड पर सीएम योगी ने किया सचेत, लिखी योगी की पाती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक पत्र जारी किया है। इस पत्र का नाम ‘योगी की पाती’ रखा गया है। इसके जरिए उन्होंने प्रदेश की जनता से ‘डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी‘ जैसी घटनाओं से बचने को लेकर आगाह किया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से सावधान रहने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और कंप्यूटर ने जीवन को सुगम तो बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों, मोबाइल और कंप्यूटर ने हमारे जीवन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाया है, परंतु इसके साथ ही साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। आपकी सरकार इसकी रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
आगे कहा कि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। जागरूक बनें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को। आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें।
जागरूकता ही सबसे शस्त्र- योगी
सीएम योगी ने लिखा कि 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में केवल 2 साइबर क्राइम थाने थे। आज सरकार के प्रयासों से सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने क्रियाशील हैं और हर जनपद के थानों में ‘साइबर हेल्प डेस्क’ बनाई गई है। आज सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने काम कर रहे हैं। इसके साथ ही सभी जनपदीय थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है। साइबर ठगों के विरुद्ध सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़े शस्त्र हैं।
‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं- सीएम
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि “यह अपराधी ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे झूठे और भ्रामक शब्दों का प्रयोग कर निर्दोष नागरिकों को डराते-धमकाते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं। देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट‘ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस या अन्य कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, वॉट्सऐप, या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है।” आगे कहा- “सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी सावधान रहना होगा। आप जो तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन सार्वजनिक करते हैं, उसके माध्यम से अपराधी पहले आपके बारे में सूचनाएं जुटाते हैं और इन्हीं सूचनाओं को आपके विरुद्ध प्रयोग करते हैं। अपनी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।”
पुलिस को सूचित करने पर ही होगा बचाव
सीएम योगी ने कहा कि सावधानी के पश्चात भी यदि आपके साथ साइबर अपराध हो जाता है, तो सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें। जितना शीघ्र आप पुलिस को सूचित करेंगे, बचाव की संभावना भी उतनी ही अधिक होगी। जागरूक बनें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को। आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें।”

By Aryavartkranti Bureau

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