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7 Jan 2026, Wed

मणिपुर में ताबड़तोड़ 3 IED ब्लास्ट, बम धमाकों से थर्राया पूरा इलाका, 2 घायल

नई दिल्ली। मणिपुर में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सोमवार की सुबह जब सूरज की पहली किरण भी ठीक से नहीं निकली थी, तभी बिष्णुपुर जिले में एक के बाद एक हुए तीन जबरदस्त धमाकों ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया। इन धमाकों की गूंज इतनी तेज थी कि लोग अपने बिस्तरों से उछल पड़े और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। घाटी और पहाड़ियों के बीच जारी तनाव के बीच हुए इन आईईडी (IED) ब्लास्ट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। यह हमला केवल बम धमाका नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत दहशत फैलाने की कोशिश थी। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मैतेई समुदाय के लोग ज्यादा रहते हैं। सैतों गांव के पास एक संदिग्ध IED ब्लास्ट में मैतेई समुदाय की एक महिला और एक पुरुष घायल हो गए। एक सेंट्रल सिक्योरिटी फोर्स के सूत्र ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 5।30 बजे हुई। धमाके के बाद मौके पर जमा हुए स्थानीय लोगों को शक है कि इसमें कुकी-बहुल चुराचांदपुर जिले के बदमाशों का हाथ हो सकता है, जिससे बिष्णुपुर सटा हुआ है। सरकार के साथ बातचीत कर रही कुकी ज़ो काउंसिल ने सुबह 11।35 बजे एक बयान जारी कर हमले की निंदा की। काउंसिल ने अधिकारियों और सुरक्षा बलों से सुरक्षा बनाए रखने का आग्रह किया गया। पुलिस ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल किए गए सामान और हमले में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। बिष्णुपुर-चुराचांदपुर के आस-पास के इलाकों में हाल ही में 100 से ज़्यादा विस्थापित मैतेई परिवार लौटने के बाद फिर से तनाव बढ़ गया है।
16 दिसंबर को अज्ञात लोगों ने तोरबुंग इलाके में परिवारों पर गोलीबारी की। मई 2023 से मैतेई-कुकी संघर्ष के कारण 260 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है। 60,000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है।

By Aryavartkranti Bureau

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