नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर लोकसभा में संबोधित कर रहे हैं। पिछले 24 दिनों से जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन बेहद अहम है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा मैं इस सदन में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और भारत पर असर पर बात रखने के लिए आया हूं। इस समय वहां हालात चिंताजनक हैं। इस युद्ध के संकट के बीच अब तक 3.75 लाख भारतीय देश वापस लौट चुके हैं। इसके साथ ही वहां मौजूद हर भारतीय की मदद की जा रही है।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जय शंकर जी ने अब तक सदन को जरूरी जानकारी दी है। पिछले 3 हफ्ते से ज्यादा के समय से संकट का समय चल रहा है। इसका लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। पूरी दुनिया इसके जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खाड़ी देशों में 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं। इसके साथ उस क्षेत्र में जो शिप चला करते हैं। वहां भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या भी ज्यादा है। यही वजह है कि हमारी चिंता ज्यादा है। इस युद्ध के बीच यह बहुत जरूरी है कि भारत की संसद से एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए।
होर्मूज स्ट्रेट पर बोल सकते हैं पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह भाषण ऐसे समय में हो रहा है जब मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। होर्मूज स्ट्रेट समेत कई अहम समुद्री रास्तों में रुकावटें आ रही हैं और इस इलाके में रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारत की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। साथ ही कई खाड़ी देशों में भारतीय अभी फंसे हुए हैं।पीएम अपने भाषण में इन भारतीयों की सुरक्षित वापसी को लेकर भी बयान दे सकते हैं। हालांकि, भारत सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को ऑपरेशन के तहत वहां से निकाल रही है। अभी भी ये ऑपरेशन जारी है।

