न्यूयॉर्क, एजेंसी। अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता को लेकर असमंजस जारी है। अब संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के राजदूत डैनी डैनन ने भी ईरान के साथ संभावित शांति वार्ता में किसी भी भागीदारी से इनकार किया है। संयुक्त राष्ट्र में मीडिया से बातचीत करते हुए डैनन ने कहा, ‘मुझे किसी भी बातचीत में हमारी भागीदारी की जानकारी नहीं है। हम अपना ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं।’ उन्होंने साफ किया कि इस्राइल और अमेरिका मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
डैनन ने कहा कि किसी भी सैन्य अभियान के बाद कूटनीति जरूरी होती है, लेकिन इस्राइल यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान न तो परमाणु क्षमता हासिल कर सके और न ही बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता विकसित कर पाए। मुझे लगता है कि हमने बहुत कुछ हासिल कर लिया है, लेकिन ईरान इसे मानने को तैयार नहीं है। हमने ईरानी शासन को कमजोर कर दिया है, लेकिन हम ये सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे हालात न बनने पाएं कि ईरान को फिर से मजबूत होने का मौका मिले। इस्राइली राजदूत ने दावा किया कि इस्राइल क्षेत्र में शांति और स्थिरता का पक्षधर है, जबकि ईरान का रुख इसके विपरीत है। डैनन ने आरोप लगाया कि ईरान क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए जिम्मेदार है।
इस्राइली राजनयिक ने कहा कि हर देश को अपने आप से पूछना चाहिए कि कौन शांति ला रहा है और कौन अराजकता? इस्राइल क्षेत्र में स्थिरता लाने की कोशिश कर रहा है और ईरान इसका उल्टा कर रहा है। ईरान ने एक महीने में 13 देशों पर हमले किए हैं। इस्राइल ने अपने 77 साल के इतिहास में कभी भी 13 देशों से लड़ाई नहीं की। इससे समझ सकते हैं कि ईरान अस्थिरता के लिए जिम्मेदार है।
ईरान की ताकत खत्म, अब वो सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ब्लैकमेल कर रहा
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संबोधन के दौरान भी डैनन ने ईरान पर हमास जैसे संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘इस्राइल और उसके अमेरिकी सहयोगियों ने 8,500 से ज्यादा हमले कर ईरान के मिसाइल लॉन्चर, हथियार उत्पादन केंद्र और कमांड ढांचे को निशाना बनाया है। ईरान की वायु सेना और नौसेना तबाह हो चुकी है। अब ईरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।’
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और युद्ध खत्म होने की दिशा में बढ़ रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है और अमेरिका इस युद्ध को समाप्त करने के करीब है। हालांकि, ईरान की ओर से अब तक किसी औपचारिक वार्ता की पुष्टि नहीं की गई है। तेहरान ने साफ किया है कि शांति तभी संभव है, जब अमेरिका और इस्राइल अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करें।
ईरान के साथ शांति वार्ता पर असमंजस, यूएन में बोले इस्राइली राजदूत- कोई बातचीत नहीं, ऑपरेशन जारी

