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16 Jan 2026, Fri

आर्थिक सुरक्षा बनी भारत-जापान वार्ता का केंद्र, रणनीतिक बैठक के बीच लगा क्रिकेट का तड़का

नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच 18वीं भारत-जापान रणनीतिक बातचीत के दौरान कूटनीति के साथ एक मानवीय और सुखद पल भी देखने को मिला। विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की, तो वहीं क्रिकेट के प्रति समान रुचि ने माहौल को और सहज बना दिया। इस बातचीत में भारत-जापान संबंधों की गहराई और भविष्य की दिशा साफ झलकी।
अपने शुरुआती संबोधन में एस जयशंकर ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जापान के साथ मिलकर काम करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश प्रमुख लोकतंत्र और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में न केवल अवसर, बल्कि वैश्विक व्यवस्था को आकार देने की जिम्मेदारी और कर्तव्य भी दोनों पर है। मौजूदा अनिश्चित वैश्विक हालात में साझा रणनीतिक लक्ष्यों के लिए मिलकर काम करना बेहद जरूरी है।
जयशंकर ने कहा कि बीते दो दशकों में भारत-जापान संबंध केवल आर्थिक साझेदारी से आगे बढ़कर व्यापक और रणनीतिक रिश्ते में बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश क्वाड, संयुक्त राष्ट्र, जी-4 समूह और जी-20 जैसे मंचों पर लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह साझेदारी सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में मजबूत होती जा रही है। रणनीतिक बातचीत के बीच एक हल्के-फुल्के पल में जयशंकर ने मोतेगी की क्रिकेट के प्रति गहरी रुचि का जिक्र किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि जापान के विदेश मंत्री भी क्रिकेट प्रेमी हैं और उनके गृह नगर में खेलने के लिए पूरा मैदान है। जयशंकर ने भविष्य में जापान में उनके साथ क्रिकेट मैच देखने या खेलने की इच्छा भी जताई।
कूटनीति से आगे दोस्ती का संकेत
बैठक के दौरान मोतेगी ने जयशंकर को जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की, जबकि जयशंकर ने उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा हस्ताक्षरित बल्ला उपहार में दिया। यह प्रतीकात्मक आदान-प्रदान दोनों देशों के रिश्तों में विश्वास, गर्मजोशी और आपसी समझ का संकेत माना जा रहा है।

By Aryavartkranti Bureau

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