वाराणसी को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित करवाने का प्रयास, राज्यसभा में रखी मांग

नई दिल्ली,/वाराणसी। वाराणसी को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित करवाने संबंधी प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। सरकार से यह मांग राज्यसभा में की गई।  ाज्यसभा में कहा गया कि वाराणसी दुनिया के सबसे प्राचीन और लगातार बसे शहरों में से एक है। यहां के प्राचीन मंदिर, पौराणिक गंगा के घाट और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं इसे अद्वितीय बनाती हैं। यहां का संगीत, कला और स्थापत्य विश्वभर में प्रसिद्ध है और इसकी पहचान पूरी दुनिया में है। भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने शुक्रवार को राज्यसभा में यह विषय रखते हुए कहा कि वह आज पूरे सदन और देश का ध्यान भगवान शिव की नगरी काशी, अर्थात् वाराणसी की पर्यटन क्षमता और सांस्कृतिक विरासत की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वाराणसी ने विकास की एक महत्वपूर्ण यात्रा तय की है। 2014 से पहले यह शहर गंदगी, टूटी सड़कों और बिजली के उलझे तारों की समस्या से जूझ रहा था, लेकिन आज यह तेजी से एक आधुनिक और वैश्विक शहर के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने अपनी अनेक यात्राओं के दौरान अपनी इस कर्मभूमि को 60,000 करोड़ रुपए से अधिक के बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स की सौगात दी है। चाहे वह काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण हो, घाटों का पुनर्निर्माण हो या सड़कों का चौड़ीकरण, हर जगह विकास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
उन्होंने बताया कि रेलवे के माध्यम से भी 10,000 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है और इसका लाभ जमीन पर दिखाई दे रहा है। इस बेहतर बुनियादी ढांचे का सीधा प्रभाव पर्यटन पर पड़ा है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार 7.26 करोड़ से अधिक पर्यटक वाराणसी आए और 120 देशों के पर्यटकों ने यहां आकर दर्शन किए। यह दर्शाता है कि वाराणसी अब एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इतनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और दुनिया के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में से एक होने के बावजूद वाराणसी की सांस्कृतिक धरोहर को अभी तक आधिकारिक रूप से यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि 2015 में यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क ने काशी को सिटी ऑफ म्यूजिक के रूप में मान्यता दी थी। 2026 की शुरुआत तक भारत के 44 स्थल यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। 2017 में अहमदाबाद को भारत का पहला वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित किया गया और 2019 में जयपुर को यह सम्मान मिला। वाराणसी के दो प्रमुख स्थल सारनाथ 1998 से और वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों का समूह 2021 से यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि 2026 में प्रधानमंत्री की कर्मभूमि काशी को भी वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का आधिकारिक दर्जा मिले। सेठ ने सरकार और संस्कृति मंत्रालय से यह आग्रह किया है कि वाराणसी को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित करवाने के लिए औपचारिक प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि हमारी इस प्राचीन और पवित्र नगरी को विश्व स्तर पर वह सम्मान मिल सके जिसकी वह वास्तव में हकदार है।

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