नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल से युद्ध में घिरे ईरान की भारत ने मदद की है। भारत की तरफ से ईरान को चिकित्सा सहायता की पहली खेप ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंप दी गई है। इसे लेकर भारत में मौजूद ईरान के दूतावास ने कहा है कि भारत से उसे दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की पहली खेप मिली है। इसे चिकित्सकीय मदद को ईरान के रेड क्रेसेंट सोसायटी को सौंपा गया है। इस चिकित्सकीय सहायता के लिए ईरान ने भारत के सम्मानित और दयालु लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता है।
ान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा कि दिल्ली-तेहरान संबंधों को बेहद अहम बताया है और कहा है कि वह भारत को दोस्त देश मानते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के हित समान हैं। ऐसे में दोनों देशों को एक-दूसरे के हितों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने चिकित्सा सहायता से पहले भारत ने जहाजों के मामले में हमारी सचमुच बहुत मदद की और हमारे अनुरोध को स्वीकार किया। बदकिस्मती से कई अन्य देशों ने सहयोग से इनकार किया। हम उन्हें इसका कड़ा जवाब भी देंगे। कुछ ही दिनों में इस संबंध में दुनिया को सुनने को मिलेगा। ईरान किसी भी कार्रवाई का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगा।
भारतीय नागरिक भी कर रहे मदद
इससे पहले ईरान एंबेसी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान में प्रभावित नागरिकों की मदद के लिए भारतीय भाइयों-बहनों ने दूतावास से बार-बार अनुरोध किया कि वे मानवीय सहायता भेजना चाहते हैं। इस अपील के जवाब में ईरान एंबेसी ने न्यू दिल्ली में एक बैंक खाता जारी किया था, लेकिन अब कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण ऑनलाइन ट्रांसफर में दिक्कत आ रही है। एंबेसी ने 15 मार्च को एक पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी। पोस्ट में बताया कि उनके खाते में फंड ट्रांसफर करने में कुछ कठिनाइयां सामने आई हैं।
एंबेसी आकर नगद जमा कर सकते हैं
ईरान एंबेसी ने उन सभी भारतीयों का शुक्रिया किया, जिन्होंने अपना सहयोग दिया। एंबेसी का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। एंबेसी ने लोगों से GPay से भुगतान न करने की अपील की है, क्योंकि यह काम नहीं कर रहा है। एंबेसी का कहना है कि इच्छुक लोग एंबेसी आकर नगद में भी अपनी मदद जमा कर सकते हैं।
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