तेहरान, एजेंसी। ईरान-इजराइल-अमेरिका जंग हर रोज तेज होती जा रही है। अमेरिका और ईरान की तरफ से लगातार हमले किए जा रहे हैं। इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसके मिसाइल और ड्रोन हमले में अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को नुकसान पहुंचा है। हालांकि ईरान के इस दावे को लेकर अब तक अमेरिका की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है।
IRGC ने शुक्रवार तड़के जारी बयान में कहा कि क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी नौसेना के इस विमानवाहक पोत को निशाना बनाया गया था। हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया कि जहाज को कितना नुकसान हुआ है या कोई हताहत हुआ है या नहीं। साफ तौर पर सिर्फ इतना कहा गया कि हमला किया जिसमें नुकसान पहुंचा है।
अमेरिका ने नहीं दिया को रियेक्शन
ईरान के दावे को लेकर अब तक अमेरिकी सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ऐसे में देखना होगा कि अमेरिका ईरान के इस दावे को लेकर क्या कहता है। दोनों देशों के बीच जारी जंग को लगभग 15 दिन का समय होने वाला है। यह जंग खत्म होने के बजाय तेज होती जा रही है।
परमाणु ऊर्जा से चलता है यूएसएस अब्राहम
यूएसएस अब्राहम लिंकन एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाला Nimitz-class aircraft carrier है, जिसे मुख्य रूप से मध्य पूर्व और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए तैनात किया जाता रहा है। इसे चलता फिरता किला भी कहा जाता है।
कैसा है USS अब्राहम लिंकन?
USS अब्राहम लिंकन अमेरिका का सबसे ताकतवर युद्धपोत है। इसका वजन 1,00,000 टन से ज्यादा है। यह लगभग 1100 फीट लंबा है। यही वजह है कि इसे चलता फिरता किला कहा जाता है। इसकी सुरक्षा भी अभेद होती है। अमेरिका ने जब ईरान पर हमले की शुरुआत की थी तो इसी के जरिए की थी। यह एयर ऑपरेशन के लिए मेन कमांड सेंटर और लॉन्च प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो USS अब्राहम लिंकन काफिले में लगभग 5700 से 6000 मिलिट्री के लोग होते हैं।
ईरान ने अमेरिका के अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट को बनाया निशाना, हमला करके पहुंचाया भारी नुकसान

