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8 Aug 2026, Sat

हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला; यमन के 58 सैनिकों की मौत, सऊदी अरब में 11 घायल

सना/रियाद। यमन के हूती विद्रोहियों ने यमन और सऊदी अरब में एक साथ कई मिसाइल एवं ड्रोन हमले किए हैं। यमन के हद्रामौत और मारिब प्रांतों में हुए हमलों में 58 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हुए हैं। वहीं, सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में हुए हमले में चार वर्षीय बच्चे सहित 11 नागरिक घायल हुए हैं। हमलों के बाद दोनों देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
रिपोर्टों के अनुसार हूती विद्रोहियों ने मारिब के उत्तर में स्थित अल-जॉफ प्रांत से आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनका निशाना हद्रामौत के अल-थिनिया और अल-अब्र क्षेत्रों के साथ मारिब के अल-रौक क्षेत्र में स्थित सैन्य ठिकाने थे। भारतीय समयानुसार गुरुवार शाम लगभग साढ़े चार बजे हुए इन हमलों में हद्रामौत स्थित सरकारी सैन्य इकाइयों, होमलैंड शील्ड फोर्सेज, आपातकालीन बलों तथा कई सैन्य शिविरों को निशाना बनाया गया।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 के बाद यमन पर यह सबसे भीषण हमला है। हमलों में बड़ी संख्या में सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि की गई है।
उधर, सऊदी अरब के दक्षिणी नजरान क्षेत्र में हुए मिसाइल हमले में 11 नागरिक घायल हुए हैं। घायलों में सात सऊदी नागरिक, एक यमनी, दो मिस्र के नागरिक तथा एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। हमले के बाद नजरान के कई हिस्सों में आग लग गई। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया। प्रारंभिक आशंका है कि आग मिसाइल हमले के कारण लगी।
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि गठबंधन नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता रहेगा और सुरक्षा बल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सारी ने हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब के समर्थन से कथित रूप से की जा रही सैन्य तैयारियों के जवाब में की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विद्रोहियों ने नजरान हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया।
यमन के रक्षा मंत्रालय ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस हमले का जवाब उचित समय और उचित स्थान पर दिया जाएगा।
यमन स्थित अमेरिकी दूतावास ने इन हमलों को कायरतापूर्ण करार दिया है। दूतावास ने एक वक्तव्य में हमले में मारे गए यमनी सैनिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की हिंसक कार्रवाई यमन की जनता के खिलाफ आतंकवाद का एक और उदाहरण है।
उधर, इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर सऊदी अरब के दौरे पर हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर पहले से समझौता लागू है। ऐसे में क्षेत्रीय सुरक्षा की दृष्टि से इन हमलों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

By Aryavartkranti Bureau

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