नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र सरकार और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) को हाल ही में नोटिफाई किए गए यूजीसी रेगुलेशन 2026 को चुनौती देने वाली दो नई याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है।
अदालत ने निर्देश दिया कि इन नई याचिकाओं को पहले की याचिका के साथ जोड़ दिया जाए और सभी मामलों की एक साथ सुनवाई की जाएगी। नई याचिका में कहा गया है कि नए नियम जनरल कैटेगरी के साथ भेदभाव करते हैं और उनके फंडामेंटल राइट्स का उल्लंघन करते हैं।
यूजीसी के नए नियम का विरोध
यूजीसी रेगुलेशन 2026 के तहत देश की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को भेदभाव की शिकायतों की जांच करने, बराबरी और सबको साथ लेकर चलने को बढ़ावा देने के लिए एक इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर (EOC) और कैंपस-लेवल की कमेटियां बनाना जरूरी था। हालांकि इस नियम को बड़े पैमाने पर विरोध का सामना करना पड़ा। खासकर, जनरल कैटेगरी के छात्रों की ओर से हुए विरोध की वजह से फिलहाल इसे रोक दिया गया है। बेंच ने नियमों में पूरी तरह से साफ न होने की बात कही, जिससे उनके गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ जाता है। सुनवाई के दौरान भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने आजादी के 75 साल बाद भी जाति के आधार पर भेदभाव जारी रहने की बात कही थी।
यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
इससे पहले कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किया था और नियम को लागू करने पर रोक लगा दी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यूजीसी नियमों के नियमों पर फिर से विचार करने के लिए एक कमेटी बनाने का भी सुझाव दिया। वहीं, मिली हुई याचिकाओं की सुनवाई की तारीख जल्द ही तय की जाएगी।

