नई दिल्ली। केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में आज, गुरुवार (12 फरवरी) को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने देशव्यापी ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग सेवाओं पर देखने को मिल सकता है, क्योंकि देश की प्रमुख बैंकिंग यूनियनें भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गई हैं। इसके चलते आज दिन भर बैंकों के कामकाज को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा। शहरों में ग्राहकों को इस बात की चिंता सता रही है कि क्या उनकी शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी या उन्हें लेन-देन में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा ने जारी किया अलर्ट
हालांकि बैंकों ने आधिकारिक तौर पर छुट्टी की घोषणा नहीं की है, लेकिन सेवाओं में भारी व्यवधान आने की आशंका है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया , बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक जैसे प्रमुख संस्थानों ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को सूचित कर दिया है कि भारत बंद के दौरान उनकी सेवाओं पर असर पड़ सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने बीएसई को दी गई जानकारी में बताया कि हालांकि वे सामान्य कामकाज जारी रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हड़ताल की स्थिति में शाखा स्तर पर सेवाएं बाधित हो सकती हैं। इसी तरह, एसबीआई ने भी कहा है कि उन्होंने कामकाज सुचारू रखने के लिए आवश्यक इंतज़ाम किए हैं, फिर भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण कार्यालयों में काम की रफ्तार धीमी पड़ सकती है या सीमित रह सकती है। यूको बैंक ने भी इसी तरह की आशंका जताई है। ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही शाखा जाएं और डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करें।
क्यों हड़ताल पर हैं बैंक कर्मचारी?
इस हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन , ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और बैंक एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया जैसी प्रमुख बैंकिंग यूनियनें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इन संगठनों ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ हाथ मिलाया है। विरोध का मुख्य कारण सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम कानून हैं। यूनियनों का आरोप है कि ये सुधार श्रमिकों के हित में नहीं हैं और इनसे ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन और भी मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा, यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब बैंक कर्मचारी लंबे समय से अपने लिए ‘5-डे वर्क वीक’ (हफ्ते में पांच दिन काम) की मांग कर रहे हैं, ताकि उनके कार्य और जीवन में संतुलन बना रहे। आज की हड़ताल के जरिए वे सरकार पर अपनी इन मांगों को लेकर दबाव बनाना चाहते हैं।
क्या रहेगा बंद? (संभावित प्रभाव)
बंद का सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक सेवाओं पर पड़ने की उम्मीद है:
बैंकिंग सेवाएं: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। बैंक शाखाओं में हड़ताल का असर दिख सकता है।
परिवहन: सार्वजनिक परिवहन और बस सेवाओं के पहिये थम सकते हैं। ऑटो और टैक्सी सेवाओं में भी रुकावट की आशंका है।
सरकारी दफ्तर: सरकारी सेवाओं और विभागों में कामकाज धीमा रह सकता है।
शिक्षा: सुरक्षा और असुविधा को देखते हुए कुछ जगहों पर स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की जा सकती है या वे बंद रह सकते हैं।
बाजार: स्थानीय बाजारों और दुकानों के शटर भी कुछ इलाकों में गिरे रह सकते हैं।

