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30 Aug 2025, Sat

बैठक में देखते रह गए विदेश मंत्री इशाक डार, काबुल में पाकिस्तान के साथ खेल गया चीन

काबुल, एजेंसी। काबुल में बुधवार (20 अगस्त) को 90 दिन बाद अफगानिस्तान, चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने एक बैठक की। इस बैठक का मकसद तीनों देशों की आपसी हित को साधना था, लेकिन बैठक में चीन और अफगानिस्तान ने अपना काम तो कर लिया पर पाकिस्तान को अकेला छोड़ दिया। काबुल की बैठक में न तो पाकिस्तान में आतंक कंट्रोल पर अफगानिस्तान ने कोई आश्वासन दिया और न ही उसके साथ कोई अलग से ट्रेड डील किया। पाकिस्तान की तरफ से बैठक में उप प्रधानमंत्री इशाक डार पहुंचे थे। डार के पास विदेश विभाग का भी जिम्मा है।
पाकिस्तान के साथ कैसे खेल गया चीन?
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार चीन के विदेश मंत्री के साथ ही त्रिस्तरीय वार्ता के लिए काबुल पहुंचे थे। इस त्रिस्तरीय वार्ता में तीनों देशों के बीच आतंक, सुरक्षा और व्यापार को लेकर बात होनी थी। बात हुई भी, लेकिन इसका फायदा पाकिस्तान के बदले चीन को मिल गया। पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान ने जो संयुक्त बयान जारी किया, उसमें आतंकवाद का जिक्र तक नहीं किया गया। तीनों देशों का संयुक्त बयान कुछ इस प्रकार है- ‘काबुल की बैठक में अफगानिस्तान, चीन और पाकिस्तान ने व्यापार, पारगमन, क्षेत्रीय विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने में सहयोग को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।’
इस बयान के तुरंत बाद एक बयान और जारी किया गया। यह बयान काबुल की तरफ से जारी किया गया, जो चीन को लेकर था। अफगानिस्तान इंटरनेशनल के मुताबिक काबुल में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात में अफगानिस्तान ने चीन को सुरक्षा की गारंटी दी। अफगानिस्तान ने कहा कि हम आपको यह आश्वासन दे रहे हैं कि हमारी धरती से आपके खिलाफ कोई भी गलत गतिविधियां प्रायोजित नहीं की जाएगी। दिलचस्प बात है कि अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को इस तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया। उलटे जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने टीटीपी का जिक्र किया, तो अफगानिस्तान ने इस पर चुप्पी साध ली। बीबीसी उर्दू के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का कहना था कि आतंक के खिलाफ अफगानिस्तान की कार्रवाई काफी धीमी है। हमें उम्मीद है कि अफगानिस्तान टीटीपी पर कार्रवाई करेगी। वहीं इस मुद्दे पर अफगान ने अपना पुराना स्टैंड (हमारे यहां टीटीपी है ही नहीं) को बरकरार रखा।
ट्रेड डील पर भी पाक को नहीं मिला तोहफा
एक तरफ जहां काबुल तक चीन के सीपीईसी के निर्माण पर सहमति बन गई। वहीं इस डील में पाकिस्तान को कोई तोहफा नहीं मिल पाया। अफगानिस्तान के एरियाना न्यूज के मुताबिक जुलाई 2025 में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के व्यापार में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस त्रिस्तरीय बैठक में इसके बढ़ाने के लिए उपाय किए जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान में कोई भी ट्रेड डील नहीं हुआ। चीन ने अपना हित साधकर त्रिस्तरीय बैठक को खत्म करा लिया।

By Aryavartkranti Bureau

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