वॉशिंगटन, एजेंसी। भारतीय मूल के कैंसर रिसर्चर रघुरामन कन्नन को नेशनल एकेडमी ऑफ इन्वेंटर्स का फेलो चुना गया है, यह एक ऐसी पहचान है जो उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे असरदार अकादमिक इनोवेटर्स में शामिल करती है। मिसौरी यूनिवर्सिटी ने जारी बयान में कहा कि कन्नन इस संस्थान के उन 2 प्रोफेसरों में से एक हैं जिन्हें NAI फेलो की प्रतिष्ठित 2025 क्लास के लिए चुना गया है। कन्नन के अलावा चुने गए दूसरे शख्स प्लांट जेनेटिक्स के प्रोफेसर हेनरी गुयेन हैं।
नेशनल एकेडमी ऑफ इन्वेंटर्स फेलो के चयन के दौरान यह पड़ताल करती है कि इनके काम से ऐसे आविष्कार हुए हैं जिनसे जीवन की गुणवत्ता, आर्थिक विकास और सामाजिक तौर पर लोगों को फायदा पहुंचा हुआ हो।
कन्नन के 12 पेटेंट अमेरिका में एक्टिव
कन्नन क्यूरेटर्स के प्रतिष्ठित प्रोफेसर हैं और कैंसर रिसर्च में माइकल जे और शेरोन आर बकस्टीन चेयर पर के साथ काम करते हैं। उनके पास मिसौरी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन और कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में जॉइंट अपॉइंटमेंट हैं, साथ ही वह एलिस फिशेल कैंसर सेंटर में इम्यूनो-ऑन्कोलॉजी और थेरेप्यूटिक्स प्रोग्राम के एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम करते हैं।
मिसौरी यूनिवर्सिटी ने अपने बयान में कहा कि रघुरामन कन्नन ने एडवांस्ड नैनोपार्टिकल पर आधारित ड्रग डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स तैयार किए हैं जिसे हेल्दी सेल्स को नुकसान पहुंचानए बगैर बिना कैंसर ट्यूमर को टारगेट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। कन्नन के काम को फेफड़े, अंडाशय, स्तन, अग्नाशय और लिवर कैंसर के इलाज के लिए एडवांस्ड के तौर पर बढ़ाया जा रहा है। उनके नाम से 65 पेटेंट जारी किए गए हैं, और इनमें से संयुक्त राज्य अमेरिका में 12 एक्टिव पेटेंट भी शामिल हैं।
कन्नन के साथ गुयेन का नाम भी शामिल
प्रतिष्ठित संस्थान की ओर से फेलो दिए जाने के बाद कन्नन ने अपने एक बयान में कहा, “NAI फेलो के रूप में नामित होना एक बहुत बड़ा सम्मान है। यह पहचान जितनी मेरी है, उतनी ही मेरे सहयोगियों, सहकर्मियों और छात्रों के लिए भी है।” दूसरे चुने गए गुयेन, प्लांट जेनेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी में अपने रिसर्च के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं, जो जीनोमिक उपकरणों का उपयोग करके फसलों की सहनशीलता में सुधार पर केंद्रित है। उनके पास 5 पेटेंट हैं, जिसमें एक अमेरिकी पेटेंट एक्टिव भी है। दोनों शोधकर्ताओं को इस गर्मी में लॉस एंजिल्स में NAI के सालाना कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा।
प्रतिष्ठित NIA के फैलो चुने गए भारतीय मूल के रघुरामन कन्नन, कैंसर रिसर्चर के नाम 65 पेटेंट दर्ज

