नई दिल्ली। भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल घुटने की चोट के कारण पिछले 2 साल से खेल से दूर हैं। अब उन्होंने बैडमिंटन से संन्यास की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा कि उनका शरीर अब खेल की शारीरिक जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है। अब भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने उनकी तारीफ करते हुए भारतीय खेलों को इतना सब देने के लिए साइना को धन्यवाद दिया है।
बता दें, साइना ने अपना आखिरी मैच 2023 में सिंगापुर ओपन में खेला था, लेकिन उस समय उन्होंने औपचारिक रूप से संन्यास की घोषणा नहीं की थी। अब उन्होंने एक पॉडकास्ट में कहा, मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मुझे सच में लगा कि मैंने अपनी शर्तों पर खेल में एंट्री की थी और अपनी शर्तों पर ही इसे छोड़ा, इसलिए इसकी घोषणा करने की कोई जरूरत नहीं थी।
साइना ने कहा कि उन्हें संन्यास लेने की औपचारिक घोषणा करने की जरूरत नहीं लगी और टूर्नामेंट से उनकी गैरमौजूदगी से स्थिति साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा, धीरे-धीरे लोगों को भी पता चल जाएगा कि साइना नहीं खेल रही हैं। मुझे नहीं लगा कि रिटायरमेंट अनाउंस करना इतनी बड़ी बात है। मुझे बस लगा कि मेरा समय खत्म हो गया क्योंकि मैं ज्यादा जोर नहीं लगा सकती थी, मेरा घुटना पहले की तरह जोर नहीं लगा पा रहा है।
अब तेंदुलकर ने साइना की तारीफ करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, प्रिय साइना, आपका करियर इस बात का सबूत है कि महानता एक दिन में नहीं, बल्कि धैर्य, हिम्मत और लगातार कोशिश से बनती है। आपने भारतीय बैडमिंटन को दुनिया के मंच पर पहुँचाया और दिखाया कि जब विश्वास तैयारी के साथ मिलता है, तो वह किसी भी खेल का रुख बदल सकता है।
उन्होंने आगे लिखा, मेडल से भी बड़ी आपकी उपलब्धि है कि आपने देशभर के युवा एथलीटों को विश्वास दिलाया कि ग्लोबल सफलता मुमकिन है। हर खेल का सफर बदलता है और जब एक दौर खत्म होता है, तो दूसरा शुरू होता है। एक ऐसा दौर जहां आपका अनुभव, नजरिए और खेल के प्रति प्यार कई लोगों को रास्ता दिखाता रहेगा। आपने भारतीय खेल को जो कुछ भी दिया, उसके लिए धन्यवाद। आपका असर आने वाली पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा।
साइना ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था और ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं थीं। उन्होंने 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण, 2014 में रजत और 2018 में कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने 2016 एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण और 2014 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता। वे 2015 में विश्व की नंबर-1 महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं थीं। उन्हें खेल रत्न, पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

