नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत आज दुनिया के देशों के साथ पहले से ज्यादा मजबूती के साथ जुड़ रहा है और यह भारत की बढ़ती ताकत को दिखाता है। मुंबई में आयोजित ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हाल में हुए कई व्यापार समझौते इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में है।
जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया एक बहुत अनिश्चित और अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है। उनके मुताबिक वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदल रही है और पुराने सिस्टम कमजोर पड़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि नई व्यवस्था बनने में समय लग रहा है और इस वजह से दुनिया एक ‘लंबे संक्रमण काल’ में जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब उत्पादन, वित्तीय ताकत, बाजार हिस्सेदारी और निर्यात नियंत्रण जैसे आर्थिक साधनों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
हाल के बड़े व्यापार समझौते
विदेश मंत्री ने इस मौके पर हाल में हुए दो अहम समझौतों का खास जिक्र किया। इसमें पहला भारत-अमेरिका समझौता- प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के बाद बड़ा फैसला हुआ। इसमें अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया। इससे भारत के निर्यात को बड़ा फायदा मिलेगा। दूसरा भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौता – पिछले महीने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत पूरी हुई। इससे दोनों के बीच व्यापार और आर्थिक रिश्ते मजबूत होंगे।
क्या है भारत की रणनीति?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के मुताबिक भारत अब आत्मविश्वास के साथ वैश्विक साझेदारी कर रहा है, आर्थिक ताकत बढ़ा रहा है और व्यापारिक अवसरों का विस्तार कर रहा है। उनके अनुसार, भारत अब ‘कमजोर देश’ की तरह नहीं, बल्कि एक मजबूत और भरोसेमंद वैश्विक साझेदार की तरह दुनिया से जुड़ रहा है।
‘वैश्विक साझेदारों के साथ अधिक मजबूती से जुड़ रहा भारत’, हालिया व्यापार समझौतों पर बोले जयशंकर

