सीएमओ ने जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
मुरादाबाद । डायरिया रोको अभियान (स्टॉप डायरिया कैम्पेन) का मंगलवार को विधिवत शुभारम्भ करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने जिला महिला चिकित्सालय से जागरूकता रैली को रवाना किया।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कर्मवीर सिंह ने हस्ताक्षर अभियान पर हस्ताक्षर कर कहा कि शून्य से पांच साल तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने के लिए जनजागरूकता बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डायरिया के बारे में जागरूक करेंगी और ओ.आर. एस. के पैकेट और जिंक की गोलियों का वितरण भी करेंगी। इसके साथ ही दस्त से प्रभावित बच्चों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र को संदर्भित करेंगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिले में 25 अगस्त तक चलने वाले डायरिया रोको अभियान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू भी “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के माध्यम से सहयोग कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य बच्चों में डायरिया की रोकथाम, ओआरएस व जिंक के उपयोग को प्रोत्साहन और समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है।
ए एन एम टी सी की छात्राओं द्वारा महिला ओ.पी. डी. में रोल प्ले के माध्यम से डायरिया क्या है, कैसे फैलता है, ओ आर एस एस एवं जिंक का प्रयोग कैसे करना है उसके बारे में जागरूक किया।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक रघुबीर सिंह ने कहा कि डायरिया रोको अभियान के लिए ए. एन. एम और आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को अवगत कराएंगी कि बारिश और उमस में बच्चा डायरिया की चपेट में कई कारणों से आ सकता है, जैसे- दूषित जल पीने से, दूषित हाथों से भोजन बनाने या बच्चे को खाना खिलाने, खुले में शौच करने या बच्चों के मल का ठीक से निस्तारण न करने आदि से। इसलिए शौच और बच्चों का मल साफ़ करने के बाद, भोजन बनाने और खिलाने से पहले हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह अवश्य धुलें। डायरिया का सही इलाज ओआरएस का घोल और जिंक की के टेबलेट हैं, जिन्हें उम्र के अनुसार 14 दिनों तक जरूर दें। उन्होंने कहा कि बच्चे को दिन भर में तीन या तीन से अधिक बार दस्त हो तो समझना चाहिए कि बच्चा डायरिया से ग्रसित है और ऐसे में उसको तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए, साथ ही निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करना चाहिए। साथ में सभी स्वास्थ केंद्रों पर ओआरएस कॉर्नर बनाने की बात भी की गई।
इस अवसर पर जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कर्मवीर सिंह, डॉ. विजय सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, चीफ फार्मासिस्ट योगेश कुमार, जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक चंद्रशेखर, अर्बन हेल्थ कॉर्डिनेटर प्रमोद कुमार, प्रधानाचार्य फिरोज बी, सीसीपीएम संतोष एवं लोकेश, पीएसआई इंडिया से कोमल घई, मोहम्मद रिजवान, ममता सैनी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

