आमतौर पर अंडे की जर्दी का रंग पीला होता है, लेकिन केरल के मलप्पुरम में एक पोल्ट्री फार्म इन दिनों अपने अनोखे अंडों को लेकर चर्चा में है। यहां कुछ मुर्गियां ऐसे अंडे दे रही हैं, जिनकी जर्दी का रंग हरा है। इस अनोखी घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है और इन अंडों को खरीदने के लिए फार्म के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी है।
कोट्टाकल के फार्म में सामने आया मामला
यह मामला मलप्पुरम के कोट्टाकल स्थित शहाबुद्दीन पोल्ट्री फार्म का है। फार्म में करीब 20 मुर्गियां हैं, लेकिन इनमें से फिलहाल सात मुर्गियां हरी जर्दी वाले अंडे दे रही हैं। बताया गया है कि ये मुर्गियां आकार में सामान्य मुर्गियों से थोड़ी छोटी हैं, लेकिन उनमें कोई अन्य खास अंतर नजर नहीं आता।
खास बात यह है कि अंडे की जर्दी का रंग कच्चे और पके, दोनों रूपों में हरा ही रहता है।
नौ महीने पहले शुरू हुई अनोखी घटना
फार्म मालिक शहाबुद्दीन के मुताबिक, करीब नौ महीने पहले एक मुर्गी ने पहली बार हरी जर्दी वाला अंडा दिया था। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य घटना नहीं माना और कुछ अंडों से चूजे निकलने का इंतजार किया।
जब अंडों से चूजे निकले तो उनमें कोई असामान्य बदलाव नजर नहीं आया। इसके बाद धीरे-धीरे फार्म की कुछ और मुर्गियां भी इसी तरह के अंडे देने लगीं।
खानपान या क्रॉस ब्रीडिंग हो सकती है वजह?
शहाबुद्दीन का मानना है कि मुर्गियों के खानपान की वजह से जर्दी का रंग हरा हो सकता है। उनके फार्म में अलग-अलग प्रजातियों की मुर्गियां हैं, इसलिए वह क्रॉस ब्रीडिंग को भी इसकी संभावित वजह मानते हैं।
हालांकि, इस घटना की वैज्ञानिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों ने इसके पीछे वास्तविक कारण पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच की जरूरत बताई है।
हरे अंडों की मांग बढ़ी
हरी जर्दी वाले अंडों की खबर फैलते ही लोगों में इन्हें देखने और खरीदने की उत्सुकता बढ़ गई। फार्म के बाहर खरीदारों की भीड़ लगने लगी है।
फिलहाल फार्म की सिर्फ सात मुर्गियां ऐसे अंडे दे रही हैं। शहाबुद्दीन अब इन अनोखे अंडों का उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि अंडों की जर्दी हरी होने की असली वजह क्या है।

