लेटेस्ट न्यूज़
19 Aug 2026, Wed

यूपी बनेगा देश का विकास इंजन, 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा: सीएम योगी

लखनऊ। दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और अब देश की अर्थव्यवस्था के विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि भारत-जापान साझेदारी विकास, तकनीक और समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्पष्ट नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और लगातार किए जा रहे सुधारों के चलते उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।

9 साल में बजट, GSDP और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना

मुख्यमंत्री ने अपने सरकार के नौ साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान उत्तर प्रदेश के बजट, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी भी तीन गुना से अधिक बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के लिए लगातार बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है और इसी के चलते यूपी 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

जापान की तकनीक और यूपी की क्षमता का मेल

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के संबंध केवल आर्थिक नहीं, बल्कि प्राचीन सभ्यता और संस्कृति से भी जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि जापान को ‘उगते सूरज की धरती’ के रूप में जाना जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश सूर्यवंश, भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान बुद्ध की धरती है।

उन्होंने कहा कि जापान के पास सटीकता, गुणवत्ता, तकनीक, रिसर्च, आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग और ‘काइजेन’ जैसी कार्य संस्कृति की ताकत है। वहीं उत्तर प्रदेश के पास बड़ा बाजार, कुशल मानव संसाधन, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुकूल नीतियां और मजबूत कानून-व्यवस्था है। दोनों की क्षमताओं का मेल मैन्युफैक्चरिंग, MSME, स्किल डेवलपमेंट, R&D और लॉजिस्टिक्स को नई ऊंचाई दे सकता है।

यूपी में विकसित हो रही ‘जापान सिटी’

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक ‘जापान सिटी’ भी विकसित की जा रही है, जहां जापानी कंपनियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत-जापान साझेदारी विश्वास, तकनीक और सांस्कृतिक जुड़ाव की मजबूत नींव पर आधारित है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां, 35 हजार से ज्यादा बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। वाराणसी में देश का पहला अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे विकसित किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

18 से 23 अगस्त तक कई शहरों में निवेश सम्मेलन

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 का आयोजन 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में किया जा रहा है। इसमें जापान के 200 से अधिक उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन का उद्देश्य जापानी कंपनियों की कारोबारी रुचि को निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, संयुक्त परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलना है। जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है। सम्मेलन के तहत दिल्ली के अलावा लखनऊ, आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में भी विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली के ताज पैलेस में हाई लेवल सीईओ राउंडटेबल और उद्घाटन सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और शिवराज सिंह चौहान समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।

By Aryavartkranti Bureau

आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।