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21 Aug 2026, Fri

लाखों का पैकेज, फिर भी डर में जिंदगी, अमेरिका में Amazon कर्मचारी बोला- ‘सर्वाइवल मोड में हूं’

वॉशिंगटन। अमेरिका में लाखों रुपये का पैकेज और Amazon जैसी दिग्गज कंपनी में नौकरी का सपना कई भारतीय युवाओं के लिए सफलता की मिसाल माना जाता है। लेकिन इस चमकदार तस्वीर के पीछे इमिग्रेशन और वीजा की अनिश्चितता का एक ऐसा डर भी है, जो कई प्रवासियों की निजी जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। Amazon में प्रोग्राम मैनेजर के तौर पर काम कर रहे भारतीय युवा मधुर मेहता की कहानी इसी तनाव को सामने लाती है।

2021 में पढ़ाई के लिए पहुंचे थे अमेरिका

मधुर मेहता 2021 में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए अमेरिका पहुंचे थे। करीब पांच साल की मेहनत के बाद उन्हें Amazon में नौकरी मिली। बाहर से देखें तो उनकी जिंदगी पूरी तरह सफल नजर आती है, लेकिन उनके मुताबिक अमेरिका पहुंचने के बाद से ही वह लगातार अनिश्चितता के बीच जी रहे हैं। उनका कहना है कि वह लंबे समय से खुद को ‘सर्वाइवल मोड’ में महसूस कर रहे हैं।

अच्छी नौकरी के बावजूद भविष्य को लेकर चिंता

अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिलने के बाद आमतौर पर लोग घर खरीदने, शादी और परिवार बढ़ाने जैसे बड़े फैसले लेते हैं। लेकिन H-1B वीजा पर अमेरिका में रह रहे भारतीयों के लिए ये फैसले इतने आसान नहीं होते। मधुर और उनकी मंगेतर दोनों अपने वीजा स्टेटस को लेकर चिंतित हैं।

उन्हें डर है कि अगर अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव हुआ या उनका वीजा स्टेटस प्रभावित हुआ, तो वर्षों की मेहनत और करियर पर अचानक संकट आ सकता है। इसी अनिश्चितता के कारण वे भविष्य को लेकर बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं।

H-1B के बाद भी तलाश जारी

मधुर को 2025 में H-1B वीजा मिला, जिससे उन्हें कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन उनकी चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अब वह EB-1A के जरिए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड हासिल करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

इसके अलावा वह कनाडा और यूरोप जैसे दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। उनका मानना है कि करियर में सफलता मिलने के बावजूद अगर रहने का अधिकार स्थायी नहीं है, तो भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी रहती है।

‘सैलरी से ज्यादा जरूरी है स्थिरता’

मधुर की कहानी अमेरिका में काम कर रहे उन भारतीय पेशेवरों की मुश्किल को दिखाती है, जिनके पास अच्छी नौकरी और शानदार कमाई तो है, लेकिन वीजा और इमिग्रेशन नियमों को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है।

यह कहानी यह भी बताती है कि बड़ा पैकेज और प्रतिष्ठित नौकरी हमेशा मानसिक सुकून और भविष्य की सुरक्षा की गारंटी नहीं होते। कई प्रवासियों के लिए असली सफलता सिर्फ अच्छी कमाई नहीं, बल्कि एक स्थिर और सुरक्षित भविष्य हासिल करना भी है।

By Aryavartkranti Bureau

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