नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह ‘आपदाओं के दौरान राष्ट्र के भरोसे का स्तंभ’ बन गया है। शाह ने बल के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आपदाओं से निपटने में सक्षम भारत के निर्माण के मोदी सरकार के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के माध्यम से एनडीआरएफ आज आपदाओं के दौरान राष्ट्र के विश्वास का स्तंभ बन गया है। उन शहीदों को सलाम, जिन्होंने दूसरों की सुरक्षा के लिए अपना बलिदान दे दिया।
एनडीआरएफ: संकट के समय देश का सुरक्षा कवच
2006 में स्थापित एनडीआरएफ ने पिछले दो दशकों में प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के दौरान अपनी कार्यक्षमता को वैश्विक स्तर पर साबित किया है। चाहे वह भूकंप हो, चक्रवात हो या बाढ़, एनडीआरएफ के जवान हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं।
एनडीआरएफ की मुख्य विशेषताएं
विशेषज्ञता: यह बल रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु आपात स्थितियों से निपटने में भी सक्षम है।
तकनीकी कौशल: अत्याधुनिक उपकरणों और मलबे के नीचे फंसे लोगों को खोजने वाली आधुनिक मशीनों से लैस।
वैश्विक पहचान: तुर्की में आए भूकंप (ऑपरेशन दोस्त) के दौरान एनडीआरएफ के मानवीय कार्यों की पूरी दुनिया ने सराहना की थी।
आपदा प्रबंधन में ‘आत्मनिर्भर भारत’
अमित शाह के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘प्रतिक्रिया-केंद्रित’ से ‘तैयारी-केंद्रित’ आपदा प्रबंधन दृष्टिकोण अपनाया है। NDRF इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है, जिससे न केवल जान-माल का नुकसान कम हुआ है, बल्कि भारत अन्य देशों की मदद के लिए भी सक्षम बना है।

