नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार की ओर से राज्यसभा में देश की प्रगति और चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए हैं। आकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में पिछले वर्ष की तुलना में बिजली, मोटर वाहन, अस्पताल, शिक्षा और वाणिज्यिक संस्थानों जैसे क्षेत्रों में रोजगार देने वाले संस्थानों की संख्या में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, पिछले तीन वर्षों (2022-2025) में देश के औपचारिक कार्यबल में भारी विस्तार हुआ है। ईएसआईसी के तहत 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2025 के बीच कुल 6.66 करोड़ नए कर्मचारियों ने पंजीकरण कराया है।
कब कितने कर्मचारियों ने कराया पंजीकरण
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में 2.18 करोड़, 2023-24 में 2.21 करोड़ और 2024-25 में 2.25 करोड़ नए कर्मचारियों ने पंजीकरण कराया है। इससे यह स्पष्ट है कि औपचारिक रोजगार के दायरे में लगातार वृद्धि हुई है।
ईएसआईसी के अलावा ईपीएफओ और नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) के तहत नए कर्मचारियों ने पंजीकरण कराया है। ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020’ के तहत पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को परिभाषित किया गया है।
हवा की गुणवत्ता में सुधार
राज्यसभा में पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत शहरों में हवा की गुणवत्ता सुधार हुई है। 103 शहरों में धूल और प्रदूषण वाले कण (पीएम 10) घटे हैं। 64 शहरों में प्रदूषण के स्तर में 20% तक की गिरावट आई है। वहीं, 22 शहरों ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु मानक हासिल किया, यानी यहां हवा सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
देश में बढ़े रोजगार के अवसर, 3 साल में 6.66 करोड़ नए कर्मचारियों का पंजीकरण, रिपोर्ट में खुलासा

