वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका में शक्तिशाली तूफान ने दस्तक दी है। इस तूफान ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। तूफान इतना भयानक है इसमें अभी तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। तूफान के चलते देश के बड़े हिस्से में भारी बर्फबारी हो रही है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फ पड़ने के चलते बिजली कटौती और यात्रा में भारी अव्यवस्था की वजह से लाखों लोग परेशान हैं। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, सोमवार को तूफान के अंतिम चरण के पूर्व की ओर बढ़ने के साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में और ज्यादा बर्फ जमा हो गई। दक्षिणी इलाकों में जमाव वाली बारिश ने कई दिनों तक मुश्किलें पैदा कीं, जिससे पेड़ और बिजली की लाइनें टूट गईं और लाखों लोग बिना बिजली के रह गए। अधिकारियों ने बताया कि जैसे-जैसे तूफान अर्कांसस से न्यू इंग्लैंड तक फैलता गया, मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती रही।
तूफान इतना भयानक है कि देश के लगभग 1,300 मील लंबे इलाके में एक फुट से ज्यादा गहरी बर्फ जम गई, जिससे कई राजमार्ग बंद हो गए, उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और बड़ी संख्या में स्कूलों को बंद करना पड़ा। नेशनल वेदर सर्विस के अनुसार, पिट्सबर्ग के उत्तर में स्थित इलाकों में 20 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं, सोमवार देर रात से मंगलवार तक तापमान महसूस होने की स्थिति (विंड चिल) शून्य से 25 डिग्री फॉरेनहाइट तक गिर गई।
कई लोगों की हुई मौत
भारी तूफान के चलते कई राज्यों में मौतों की खबरें सामने आई हैं। मैसाचुसेट्स और ओहायो में दो लोगों की मौत स्नोप्लो (बर्फ हटाने वाली गाड़ी) की चपेट में आने से हुई। अर्कांसस और टेक्सास में स्लेजिंग (बर्फ पर फिसलने) के दौरान हुए हादसों में किशोरों की जान चली गई।
6 लाख से ज्यादा घरों में बिजली गुल
कैनसस में पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से एक महिला का शव बर्फ में ढका हुआ पाया। न्यूयॉर्क सिटी में अधिकारियों ने बताया कि कड़ाके की ठंड वाले उस हफ्ते के दौरान आठ लोग बाहर मृत पाए गए। बर्फबारी से हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई है। poweroutage. com के अनुसार, सोमवार शाम तक देशभर में 6 लाख 70 हजार से ज्यादा स्थानों पर बिजली गुल थी। इनमें से ज्यादातर बिजली कटौती दक्षिणी राज्यों में दर्ज की गई, जहां हफ्ते भर हुई बारिश से पेड़ों की डालियां और बिजली की लाइनें टूट गईं। इससे उत्तरी मिसिसिपी और टेनेसी के कुछ हिस्सों में गंभीर और लंबे समय तक रहने वाली बिजली बाधित हुई। मिसिसिपी के अधिकारियों ने कहा कि राज्य 1994 के बाद से अब तक के सबसे भीषण बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है। आपातकालीन दलों ने तेजी से वार्मिंग सेंटर स्थापित किए और कंबल, पानी और जनरेटर बांटे। ऑक्सफोर्ड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी में पूरे सप्ताह के लिए स्कूल बंद कर दिए गए। मेयर रॉबिन टैनहिल ने कहा कि नुकसान हर जगह नजर आ रहा है। उन्होंने लिखा, ऐसा लग रहा है जैसे हर सड़क पर बवंडर गुजर गया हो।
कई फ्लाइट हुईं रद्द
हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। FlightAware के अनुसार, सोमवार को देशभर में 8 हजार से ज्यादा उड़ानें या तो विलंबित रहीं या रद्द कर दी गईं। विमानन कंपनी सिरीयम ने बताया कि रविवार को अमेरिका की लगभग आधी उड़ानें रद्द कर दी गईं, जो कोविड-19 महामारी के बाद किसी एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा था।
न्यूयॉर्क सिटी में कई वर्षों में सबसे ज्यादा बर्फबारी दर्ज की गई, जहां सेंट्रल पार्क में 11 इंच बर्फ गिरी। तूफान के बाद कड़ाके की ठंड ने हालात और बिगाड़ दिए। मिडवेस्ट, दक्षिण और पूर्वोत्तर के बड़े हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया। एनओएए के पूर्व वैज्ञानिक रयान माउ ने कहा कि अमेरिका के निचले 48 राज्य 2014 के बाद से सबसे कम औसत न्यूनतम तापमान की ओर बढ़ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस तूफान के कारण लुइसियाना, पेंसिल्वेनिया, टेनेसी, मिसिसिपी और न्यू जर्सी में कई मौतें हुई हैं। हालांकि, न्यू इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का अनुमान है, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भीषण ठंड अब भी एक गंभीर खतरा बनी हुई है।
अमेरिका में तूफान ने मचाई तबाही, अब तक 29 लोगों की मौत, 6 लाख घरों की बिजली गुल, कई फ्लाइट हुईं रद्द

