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12 Jan 2026, Mon

अब भारतीय नहीं जा सकेंगे बांग्लादेश, तनाव के बीच ढाका ने वीजा को लेकर लिया एक्शन

ढाका, एजेंसी। भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ गई। इसी को लेकर भारत ने निंदा भी की। इसी के बाद अब बांग्लादेश ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा जारी करने पर और सख्ती कर दी है। अब यह पाबंदियां कोलकाता, मुंबई और चेन्नई स्थित बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशनों तक बढ़ा दी गई हैं।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बुधवार रात इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि ये प्रतिबंध गुरुवार से लागू हो गए हैं। नए आदेश के तहत बिजनेस और रोजगार (एम्प्लॉयमेंट) वीजा को छोड़कर बाकी सभी कैटेगरी के वीजा फिलहाल निलंबित कर दिए गए हैं। मंत्रालय के अनुसार, कोलकाता स्थित बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन में कांसुलर और वीजा सेवाएं पूरी तरह रोक दी गई हैं। वहीं, मुंबई और चेन्नई में भारतीय नागरिकों के लिए टूरिस्ट समेत अन्य वीजा सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं। कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि भारत-बांग्लादेश के बीच मौजूदा तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
इससे पहले 22 दिसंबर को बांग्लादेश ने नई दिल्ली स्थित हाई कमीशन, त्रिपुरा के अगरतला में असिस्टेंट हाई कमीशन और सिलीगुड़ी के वीजा सेंटर में अस्थायी रूप से वीजा और कांसुलर सेवाएं रोक दी थीं। असम के गुवाहाटी स्थित मिशन में भी कांसुलर सेवाएं बंद कर दी गई थीं। इसके बाद भारत में बांग्लादेशी वीजा जारी करने की प्रक्रिया कुछ गिनी-चुनी कैटेगरी तक ही सीमित रह गई है। कोलकाता स्थित बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन के एक अधिकारी ने बताया कि यह कदम उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उठाया गया है और फिलहाल सिर्फ व्यापार और रोजगार वीजा ही जारी किए जा रहे हैं। इससे पहले भारत ने भी 5 अगस्त 2024 के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे।
क्यों लिया गया फैसला
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए वीजा नियमों में नई सख्ती की गई है। मंत्रालय का कहना है कि मौजूदा हालात में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, इसी वजह से यह फैसला लिया गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम किसी एक घटना की वजह से नहीं उठाया गया है, बल्कि पूरे हालात की समीक्षा करने के बाद लिया गया है। सरकार इस समय भारत-बांग्लादेश संबंधों, सुरक्षा स्थिति और कूटनीतिक माहौल का आकलन कर रही है और उसी के तहत वीजा सेवाओं पर रोक लगाई गई हैं।
रिश्तों में क्यों पैदा हो रहा तनाव?
बांग्लादेश और भारत के बीच अच्छे रिश्ते थे। लेकिन, देश में शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद से ही रिश्तों में दरार पैदा हो गई है। अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर भारत आवाज उठा रहा है। देश में हाल ही में भी एक के बाद एक हिंदू युवकों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। जिसकी भारत ने निंदा की है।
मौजूदा तनाव दिसंबर 2025 में चरम पर पहुंच गया। इसकी चिंगारी बनी 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या। हादी को 12 दिसंबर को ढाका में गोली मारी गई थी और 18 दिसंबर को सिंगापुर में उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद देश में प्रदर्शन शुरू हुए। बांग्लादेश में तब जनाक्रोश भड़क उठा जब रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि हमलावर भारत सीमा पार कर भाग गया। इसके बाद देश में भारत-विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए और ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर लॉन्ग मार्च निकाला गया। भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ढाका का आरोप है कि भारत जानबूझकर सांप्रदायिक घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है ताकि नई राजनीतिक व्यवस्था को अवैध ठहराया जा सके।

By Aryavartkranti Bureau

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