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24 Jan 2026, Sat

ईरान की अमेरिका को धमकी- ट्रिगर पर हमारी उंगली, ट्रंप चेतावनी देकर बोले- हमारा जंगी बेड़ा…

वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के कमांडर ने गुरुवार को इस्राइल और अमेरिका को चेतावनी दी कि वह उनकी ताकत को कम आंकने से बचें। उन्होंने कहा, हम ट्रिगर पर उंगली रखे हुए हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका का विध्वंसक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम तेहरान की ओर आगे बढ़ रहा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बार फिर कार्रवाई करने की धमकी दी है।
ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद से दोनों देशों के नेताओं व अधिकारियों के बीच जुबानी जंग जारी है। इससे पहले ट्रंप कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि ईरान पर नई सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है। पिछले साल जून में 12 दिन के संघर्ष के दौरान अमेरिका ने इस्राइल का समर्थन किया था और उसमें शामिल हुआ था।
दिसंबर के अंत में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन को हिलाकर रख दिया था। लेकिन सख्त कार्रवाई के बाद इस आंदोलन को दबा दिया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए हैं। आईआरजीसी के कमांडर जनरल मोहम्मद पकपूर ने इस्राइल और अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वे ऐतिहासिक अनुभवों और 12 दिन के थोपे गए युद्ध से मिली सीख को ध्यान में रखते हुए किसी भी गलत आकल से बचें, ताकि उन्हें और ज्यादा दर्दनाक और अफसोसजनक अंजाम का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा, आईआरजीसी और ईरान पहले से कहीं ज्यादा तैयार हैं। हमारी उंगली ट्रिगर पर है और हम शीर्ष कमांडर-इन-चीफ के आदेशों को लागू को करने के लिए पूरी तैयार हैं, जो हमें हमारे जीवन से भी ज्यादा प्रिय हैं। उनका इशारा खामेनेई की ओर था। उनकी यह टिप्पणी एक लिखित बयान में आई, जिसे सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया। आईआरजीसी के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर यह बयान जारी किया गया। इस बल का मकसद 1979 की इस्लामी क्रांति को अंदरूनी और बाहरी खतरों से बचाना है
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सख्त कार्रवाई में आईआरजीसी ने अग्रिम मोर्चे की भूमिका निभाई। इस संगठन को ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका सहित कई देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है और प्रतिबंधित किया हुआ है। ये देश यूरोपीय संघ और ब्रिटेन से भी ऐसे कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि गुरुवार को 837 लोगों को फांसी दी जाने वाली थी, जिनमें ज्यादातर युवा पुरुष थे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर इन लोगों को फांसी दी गई, तो अब तक की सबसे कड़ी सजा दी जाएगी।
ट्रंप के अनुसार, तब ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर की गई (सैन्य) कार्रवाई भी ‘मूंगफली जैसी’ लगेगी।
उन्होंने कहा कि इस खौफनाक कदम से एक घंटे पहले ईरान ने फांसी की सजा रद्द कर दी, जिसे उन्होंने अच्छा संकेत बताया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास एक आर्माडा है और एक बहुत बड़ा युद्धपोतों का बेड़ा उस दिशा में जा रहा है, हालांकि शायद इसका इस्तेमाल न करना पड़े। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर उस दिशा में कई जहाज भेजे जा रहे हैं और अमेरिका ईरान पर बहुत करीबी नजर रखे हुए है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो भी देश या कंपनी ईरान के साथ कारोबार करेगी, उस पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जाएगा।
एयर फोर्स वन में सवार ट्रंप ने कहा कि ईरान को अमेरिकी परमाणु हमले से पहले ही समझौता कर लेना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि अगर ईरान दोबारा ऐसा करने की कोशिश करता है, तो उसे किसी और इलाके में जाना पड़ेगा और वहां भी अमेरिका उतनी ही आसानी से, बल्कि उससे भी ज्यादा आसानी से हमला करेगा।

By Aryavartkranti Bureau

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