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12 Feb 2026, Thu

पुणे में बंगाली मजदूर सुखन महतो की हत्या: CM ममता बोलीं- घृणात्मक अपराध, गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की

कोलकाता, एजेंसी। महाराष्ट्र के पुणे में एक बंगाली प्रवासी मजदूर की हत्या मामले में सियासत तेज हो गई है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे भाषा और पहचान के आधार पर होने वाला घृणात्मक अपराध बताया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि वे इस क्रूर हत्या से स्तब्ध और गुस्से में हैं। बता दें कि 24 वर्षीय मृतक सुखन महतो बंगाल के पुरुलिया जिले के बंडवान के रहने वाले थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
ममता बनर्जी ने कहा कि एक युवक को उसकी भाषा, पहचान और जड़ों के कारण मारा गया। सीएम ने आगे इस बात पर जोर दिया कि यह घृणात्मक अपराध सीधे उस माहौल का नतीजा है, जिसमें विदेशियों और अन्य राज्यों के लोगों के खिलाफ झूठे भय को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
पीड़ित परिवार के साथ बंगाल सरकार- सीएम
ममता बनर्जी ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि बंगाल इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब बंगाली प्रवासी मजदूरों के खिलाफ अन्य राज्यों में हिंसा हुई है और उन्होंने केंद्र सरकार पर भी लगातार इस मामले में चुप्पी बरतने का आरोप लगाया है।
सुखन महतो हत्या मामला
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सुखन महतो 2021 से पुणे में प्रवासी मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। वे कोरेगांव भीमा के सनातबाड़ी क्षेत्र में एक कार पार्ट्स बनाने वाली कंपनी में कार्यरत थे। बुधवार दोपहर उनका शव शिकरपुर थाना क्षेत्र से बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें बंगाली बोलने के कारण पीटा गया और मार दिया गया। उनके बड़े भाई तुलसीराम महतो ने इस संबंध में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

By Aryavartkranti Bureau

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