नई दिल्ली, एजेंसी। गूगल के ब्राउजर क्रोम को खरीदने की चर्चाएं जोरों पर है और इसके लिए कई कंपनियां बोली लगा रही हैं। जल्द ही इनमें ओपनएआई का नाम जुड़ सकता है। कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पुष्टि की है कि अगर अमेरिकी सरकार गूगल को अपना ब्राउजर बेचने के लिए मजबूर करती है तो उनकी कंपनी इसे खरीदने में रुचि रखती है। उन्होंने यह मंशा पेरप्लेक्सिटी की ओर से क्रोम खरीदने की पेशकश करने के कुछ दिन बाद व्यक्त की है।
रिपोर्ट के अनुसार, सैम ऑल्टमैन ने कहा, यदि गूगल क्रोम वास्तव में बिकने वाला है तो हमें इस पर विचार करना चाहिए। ओपनएआई के सीईओ ने आगे कहा, क्या यह वाकई बिकेगा? मुझे लगा था कि ऐसा नहीं होगा। दूसरी तरफ कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह स्टार्टअप अपना खुद का एआई ब्राउजर बना रहा है। ऑल्टमैन ने पुष्टि की कि कंपनी चैटजीपीटी के अलावा कई एप्लिकेशन पर भी काम कर रही है।
ऑल्टमैन ने यह भी कहा कि ओपनएआई एक नए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की खोज में रुचि रखता है। उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर एआई के इस्तेमाल के तरीके में उनके लिए कुछ भी प्रेरणादायक नहीं है। कंपनी चाहती है कि क्या एआई के साथ एक बेहतर सोशल अनुभव बनाना संभव है या नहीं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि कंपनी एलन मस्क के न्यूरालिंक से मुकाबला करने के लिए मर्ज लैब्स नामक न्यूरल इंटरफेस स्टार्टअप का समर्थन करेगी। क्रोम को बेचने की चर्चा पिछले साल गूगल के अमेरिका में एक अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद शुरू हुई। न्यायाधीश ने फैसला सुनाया था कि इस तकनीकी दिग्गज ने ऑनलाइन सर्च बाजार पर अवैध रूप से एकाधिकार कर लिया है। सुधारात्मक उपायों के तहत न्याय विभाग ने सुझाव दिया है कि प्रतिस्पर्धा के स्तर को समान बनाने के लिए क्रोम को एक स्वतंत्र संस्था को बेच दिया जाए। इसके बाद कई कंपनियां इसे खरीदने के लिए बोली लगा रही हैं।