देश के एनर्जी सेक्टर के लिए साल 2025 शानदार रहा है। इस साल क्लीन एनर्जी में देश की क्षमता बढ़ी है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत ने 2025 में अपनी क्लीन एनर्जी यात्रा में एक रिकॉर्ड-तोड़ साल दर्ज किया, जिसमें नॉन-फॉसिल ईंधन की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी बढ़कर 266.78 GW हो गई। यह 2024 की तुलना में 22.6 प्रतिशत की ग्रोथ है, जब नॉन-फॉसिल कैपेसिटी 217.62 GW थी और इस साल 49.12 GW की नई नॉन-फॉसिल कैपेसिटी जोड़ी गई।
उन्होंने कहा कि सोलर एनर्जी ने इस ग्रोथ को लीड किया, जिसकी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 2024 में 97.86 GW से बढ़कर 2025 में 135.81 GW हो गई, यानी 38।8 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी। विंड एनर्जी कैपेसिटी में भी अच्छी ग्रोथ देखी गई, जो 48.16 GW से बढ़कर 54.51 GW हो गई, यानी 13।2 प्रतिशत की बढ़ोतरी। कुल मिलाकर, सोलर और विंड एनर्जी ने इस साल भारत के रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपैंशन को आगे बढ़ाया।
बायोएनर्जी और स्मॉल हाइड्रो का भी रहा दबदबा
अन्य रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर्स ने भी 2025 में कुल ग्रोथ में अच्छा योगदान दिया। बायोएनर्जी की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 11.61 GW तक पहुंच गई, जिसमें वेस्ट-टू-एनर्जी ऑफ-ग्रिड प्रोजेक्ट्स से 0.55 GW शामिल है, जो क्लीन फ्यूल प्रोडक्शन और वेस्ट मैनेजमेंट में लगातार प्रोग्रेस दिखाता है।
स्मॉल हाइड्रो कैपेसिटी बढ़कर 5.16 GW हो गई, जो डिसेंट्रलाइज्ड और लोकल एरिया के लिए रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट को सपोर्ट करती है। बड़ी हाइड्रो कैपेसिटी 50.91 GW थी, जिसमें 7,175.6 MW पंप स्टोरेज शामिल है, जो ग्रिड को स्टेबल रखने और रिन्यूएबल एनर्जी को इंटीग्रेट करने में मदद करता है।
पीएम मोदी का जताया आभार
केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि 2025 में मिली रिकॉर्ड ग्रोथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लीडरशिप में स्ट्रॉन्ग पॉलिसी डायरेक्शन, लॉन्ग-टर्म विजन और लगातार इम्प्लीमेंटेशन को दिखाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्रेस एनर्जी सिक्योरिटी, क्लाइमेट चेंज से लड़ाई और आत्मनिर्भर ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में भारत के रास्ते को और मजबूत करती है, साथ ही 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल एनर्जी कैपेसिटी के नेशनल टारगेट की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मिनिस्ट्री देश भर में रिन्यूएबल एनर्जी के यूज को और तेज करने के लिए राज्यों और सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करती रहेगी।

