मुंबई। राष्ट्रपति भवन में सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण होने के बाद, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए गुलामी पर उसके रुख पर सवाल उठाए। राउत ने भारत की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए पूछा कि अगर सरकार गुलामी का विरोध करती है, तो वह अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संबंध क्यों रखती है? उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को चुनौती दी, फ्रांस से राफेल जेट की खरीद की आलोचना की और नई दिल्ली के निर्माण में लुटियंस समेत कई हस्तियों के योगदान को उजागर किया।
संजय राउत ने कहा कि अगर आप गुलामी की बात करते हैं, तो आप ट्रंप के गुलाम क्यों बन गए? अगर आपको गुलामी से इतनी नफरत है, तो आपको भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द कर देना चाहिए… आपने फ्रांस से राफेल क्यों खरीदा?… लुटियंस समेत कई लोगों ने नई दिल्ली के निर्माण में योगदान दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सोमवार को राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्र भारत के पहले और एकमात्र भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद मैट रिडले ने ये टिप्पणी की है।
सोमवार को एडविन लुटियंस के परपोते मैट रिडले ने राष्ट्रपति भवन से लुटियंस की प्रतिमा हटाए जाने पर दुख व्यक्त किया, जिसके स्थान पर चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा स्थापित की गई है। राष्ट्रपति भवन के वास्तुकार एडविन लुटियंस के परपोते रिडले ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यह जानकर दुख हुआ कि लुटियंस (मेरे परदादा) की प्रतिमा को दिल्ली स्थित उस राष्ट्रपति भवन से हटाया जा रहा है जिसे उन्होंने ही डिजाइन किया था। पिछले साल मैं इसके साथ यहाँ हूँ। उस समय मुझे आश्चर्य हुआ था कि उनके नाम को आधारशिला से क्यों हटा दिया गया था।
अशोक मंडप के पास ग्रैंड ओपन सीढ़ी पर स्थित चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा ने एडविन लुटियंस की प्रतिमा का स्थान ले लिया है। X पर राष्ट्रपति के आधिकारिक हैंडल ने पोस्ट किया कि यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाने और भारत की समृद्ध संस्कृति, विरासत, शाश्वत परंपराओं को गर्व से अपनाने और भारत माता की सेवा में असाधारण योगदान देने वालों को सम्मानित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की श्रृंखला का हिस्सा है।

