मुंबई, एजेंसी। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गुरुवार को अजीत पवार विमान दुर्घटना मामले में महाराष्ट्र सरकार की निष्क्रियता की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अधिकारियों पर डीजीसीए और वीएसआर वेंचर्स को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने सवाल उठाया कि मुंबई पुलिस ने एनसीपी विधायक रोहित पवार की मांग पर एफआईआर दर्ज करने से इनकार क्यों किया। उन्होंने संकेत दिया कि प्रभावशाली व्यक्तियों के हस्तक्षेप से अधिकारियों के व्यवहार पर असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि डीसीपी को विधान भवन से फोन आया था, जिसके बाद कमिश्नर का रवैया बदल गया। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि कई राजनेताओं ने वीएसआर वेंचर्स में निवेश किया है। इसके साथ ही मौजूदा मंत्रियों के भी कंपनी से वित्तीय संबंध हैं, जिससे उचित कार्रवाई न होने का कारण स्पष्ट हो सकता है।
सरकार मामले को दबा रही
संजय राउत ने कहा ‘इस मामले को दबाया जा रहा है। आप कुछ छुपा रहे हैं। कई नेताओं ने इस वीएसआर कंपनी में पैसा लगाया है। जानकारी सामने आ रही है कि मौजूदा मंत्रियों के भी इस कंपनी से वित्तीय संबंध हैं। डीसीपी को एक फोन आया था। यह विधानसभा भवन से आया था। आप सामान्य मामलों में एफआईआर दर्ज करते हैं, तो यहां क्यों नहीं की गई? एक प्रभावशाली व्यक्ति का फोन आया, जिसके बाद कमिश्नर का व्यवहार बदल गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशक विभाग (डीजीसीए) एक भ्रष्ट विभाग है, और कोई भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाया है। उन्हें कई नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त है।’
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत का आरोप- अजीत पवार प्लैन क्रैश मामले को दबा रही है फडणवीस सरकार

