नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के हंसलपुर में स्थित सुजुकी मोटर प्लांट में बने पहले बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) ‘ई-विटारा‘ को मंगलवार को झंडी दिखाई. यह ईवी दुनिया के 100 देशों में निर्यात किया जाएगा। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि अब दुनिया के दर्जनों देशों में जो ईवी चलेगी, उसमें मेड इन इंडिया लिखा होगा। इसके साथ ही उन्होंने मेड इन इंडिया की परिभाषा स्पष्ट करते हुए दुनियाभर की कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता दिया।
दरअसल गुजरात स्थित टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी प्लांट जापानी कंपनी तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का एक संयुक्त उद्यम है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके को भारत-जापान मैत्री और ‘मेक इन इंडिया’ की ताकत का प्रतीक बताते हुए कहा, ‘पैसा किसका लगता है, उससे मुझे लेना देना नहीं है, करेंसी काली है या गोरी है… प्रोडक्शन में पसीना मेरे देशवासियों का होगा। पैसा किसी का पसीना हमारा, जो प्रोडक्शन होगा उसमें महक मेरे मिट्टी की होगी। ’
100 देशों में भेजी जाएगी ई विटारा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की मेक इन इंडिया यात्रा अब ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्य की ओर एक बड़ी छलांग लगा रही है। उन्होंने बताया कि भारत में बने इलेक्ट्रिक वाहन अब 100 देशों को निर्यात किए जाएंगे। यह सिर्फ तकनीकी उपलब्धि ही नहीं, बल्कि भारत के श्रमिकों, इंजीनियरों और उद्यमियों की मेहनत और सामर्थ्य का परिणाम है।
पीएम ने कहा कि भारत और जापान का रिश्ता ‘मेड फॉर ईच अदर’ है। उन्होंने याद दिलाया कि जब वे 2012 में गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब हंसलपुर में मारुति को जमीन दी गई थी। आज वही विजन आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में मजबूत स्तंभ बन रहा है। उन्होंने मारुति की प्रगति को किशोरावस्था से तुलना करते हुए कहा कि ‘तेरह वर्ष की आयु पंख फैलाने और सपनों की उड़ान का कालखंड होती है। आज मारुति किशोरावस्था में प्रवेश कर रही है और यह ऊर्जा और नए उत्साह का संकेत है। ’
दुनिया के लिए विन-विन स्थिति
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि लोकतंत्र की शक्ति और कुशल कार्यबल की वजह से भारत दुनिया के लिए ‘विन-विन’ स्थिति पैदा कर रहा है। उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि आज जापानी कंपनियां भारत में उत्पादन कर रही हैं और यहां बनी गाड़ियां जापान को निर्यात हो रही हैं। यह न केवल भारत-जापान के रिश्तों की मजबूती का प्रमाण है बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत पर बढ़ते भरोसे का भी संकेत है।
गणेश उत्सव के उल्लास के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया कि आने वाले समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में 1200 से अधिक खोजी अभियान चलाकर क्रिटिकल मिनरल्स की खोज की जाएगी। उन्होंने सभी राज्यों से अपील की कि वे विकास की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी करें और हर छोटी-से-छोटी बारीकी को अवसर मानकर आगे बढ़ें। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि ‘2047 में हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। आने वाली पीढ़ियां आपके त्याग और मेहनत पर गर्व करेंगी। आत्मनिर्भर भारत का यह मंत्र सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। ’
‘पैसा किसी का, पसीना हमारा…’ पीएम मोदी ने दुनिया को दिखाई मेक इन इंडिया की ताकत, बता दिया विन-विन फॉर्मूला
