नई दिल्ली। पाकिस्तान का झूठ एक बार फिर बेनकाब हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत के राफेल लड़ाकू विमान को मार गिराया है और एक भारतीय पायलट को पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्टों में यह भी प्रचारित किया गया कि वह पायलट विंग कमांडर शिवांगी सिंह हैं। आज यानी 29 अक्टूबर ये सारे झूठ तब धराशायी हो गए, जब राफेल फाइटर पायलट शिवांगी सिंह अंबाला एयरबेस पर नजर आईं। यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल विमान में सफलतापूर्वक उड़ान भरी।
शिवांगी सिंह भारतीय वायुसेना की पहली महिला राफेल पायलट हैं। उड़ान से पहले की तस्वीरों में राष्ट्रपति मुर्मू और विंग कमांडर शिवांगी सिंह दोनों मुस्कुराते हुए नजर आईं, जिसने पाकिस्तान के झूठे दावों पर पूरी तरह विराम लगा दिया।
दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज अंबाला एयरबेस से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। उन्होंने इसे अविस्मरणीय अनुभव बताया। इसके साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू 2 लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं। अप्रैल 2023 में उन्होंने असम के तेजपुर वायु सेना स्टेशन से सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। ये उड़ान करीब आधे घंटे की थी। करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद विमान वापस लौटा। राफेल 17वीं स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया था।
देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की नई भावना
राफेल की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 15,000 फुट रही और इस दौरान उसकी गति लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की थी। उड़ान के बाद राष्ट्रपति ने विजिटर बुक में लिखा कि अंबाला वायुसेना स्टेशन पहुंचकर वायुसेना के राफेल विमान में अपनी पहली उड़ान को लेकर मैं बहुत खुश हूं। राफेल में उड़ान भरना मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। इस शक्तिशाली विमान में उड़ान ने मेरे अंदर देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की एक नई भावना जगाई है। मैं भारतीय वायुसेना और अंबाला वायुसेना स्टेशन की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देती हूं।

