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24 Jan 2026, Sat

भाजपा और शिंदे सेना आपस में लड़े, उसमें हमें न घसीटे… बीएमसी मेयर चुनाव से उद्धव गुट ने बनाई दूरी

मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र में बीएमसी के मेयर पद को लेकर महायुति की दो सहयोगी पार्टियों के बीच खींचतान के बीच शिवसेना (यूबीटी) ने अपने को अलग रखने की बात कही है। बीएमसी चुनाव में भाजपा के 89 और शिवसेना शिंदू गुट के 29 पार्षद विजयी हुए हैं। बीएमसी में महायुति को बहुमत मिला है, लेकिन मेयर पद को लेकर दोनों पार्टियों में घमासान मचा हुआ है। इस बीच उद्धव ठाकरे का यह बयान सामने आया है कि यदि बीएमसी में बीजेपी का मेयर बनता है, तो उनके पार्षद मतदान के दौरान अनुपस्थित रहेंगे।
भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे का यह बयान सियासी रूप से काफी अहम माना जा रहा था और कहा जा रहा था कि इससे भाजपा को बैकडोर से मदद मिलेगी।
आपस में लड़े, हमें न घसीटे… यूबीटी प्रवक्ता
लेकिन अब शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता हर्षल प्रधान का ट्वीट सामने आया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि सत्ता की लालच के लिए साथ आई भाजपा और शिंदे सेना आपस में लड़े, उसमें हमें न घसीटे।
उन्होंने लिखा कि भाजपा और शिंदे गुट जैसे सत्ता-लोलुप, समान विचारधारा वाले दलों को अपनी आपसी लड़ाइयां खुद ही लड़नी चाहिए। मिंधे गुट और भाजपा को एक-दूसरे से जरूर भिड़ना चाहिए, लेकिन हमें इस संघर्ष में घसीटा नहीं जाना चाहिए।
15 जनवरी को राज्य के 29 नगर निगम चुनावों में हुए चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा ने कई नगर पालिकाओं में अकेले दम पर सत्ता हासिल की, लेकिन बीएमसी के मेयर पद को लेकर भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में घमासान मचा हुआ है।
मुंबई के मेयर को लेकर सियासी घमासान
मुंबई नगर निगम का मेयर कौन बनेगा? इस पर खूब चर्चा हो रही है। मुंबई नगर निगम में भाजपा के पार्षदों की संख्या अधिक है। इसके बाद शिवसेना ठाकरे समूह और शिवसेना शिंदे समूह के पार्षद आते हैं। कहा जा रहा है कि चूंकि भाजपा से अधिकतम पार्षद चुने गए हैं, इसलिए मेयर भाजपा के ही होंगे। हालांकि, देखा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ने पासा पलटते हुए खेल का रुख ही बदल दिया है।
शिवसेना (शिंदे) गुट की मदद के बिना भाजपा के लिए मुंबई नगर निगम में सत्ता बनाना मुश्किल है। किसी भी हालत में उन्हें शिवसेना के शिंदे गुट की मदद लेनी ही पड़ेगी। शिंदे ने यह शर्त रखी कि भाजपा के मेयर ढाई साल तक रहेंगे और शिवसेना के शिंदे गुट के भी ढाई साल तक मेयर रहेंगे। हॉर्स ट्रेडिंग के भय से नवनिर्वाचित पार्षदों को फाइल स्टार होटल में ठहराया है।
यूबीटी ने मेयर चुनाव से बनाई दूरी
इस बीच, ऐसी जानकारी आई थी कि मेयर चुनाव के दौरान भाजपा ने शिवसेना ठाकरे समूह से सीधा संपर्क किया है। कहा जा रहा है कि ठाकरे समूह के 65 पार्षद महापौर चुनाव प्रक्रिया में अनुपस्थित रहेंगे। 2017 के महापौर चुनाव में भाजपा ने शिवसेना ठाकरे समूह के पक्ष में अपना नाम वापस ले लिया था।
इस बार कहा जा रहा है कि इसकी भरपाई शिवसेना करेगी और शिवसेना ठाकरे समूह के पार्षद महापौर चुनाव में अनुपस्थित रहेंगे। हालांकि, भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता हर्षल प्रधान ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपना स्टैंड क्लीयर कर दिया है।

By Aryavartkranti Bureau

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