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26 Mar 2026, Thu

6 सैनिकों की मौत-हैंगर-रडार सिस्टम डैमेज… खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर इतना बरसा ईरान का कहर

वॉशिंगटन, एजेंसी। खाड़ी क्षेत्र में तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हो रहे ईरानी हमले तबाही मचा रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान की ओर से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इन हमलों में कुवैत में अमेरिका के छह सैनिक मारे गए हैं, जबकि कई अहम सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरानी ड्रोन और मिसाइल इन ठिकानों को लगातार निशाना बना रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की सीमा से सटे कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। शुएबा बंदरगाह पर हुए हमले में अमेरिकी सेना का टैक्टिकल ऑपरेशन सेंटर पूरी तरह से तबाह हो गया। इस हमले में छह अमेरिकी सैनिक भी शहीद हुए हैं।
इसके अलावा अली अल सलेम एयर बेस पर भी ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया है। यहां विमानों के हैंगर को भारी नुकसान हुआ है। वहीं कैंप बुहरिंग में ईंधन और रखरखाव की सुविधाओं को निशाना बनाया गया है।
कतर और बहरीन में रडार तबाह, फ्लीट मुख्यालय पर हमला
कतर के अल उदेद एयर बेस पर ईरानी हमले में शुरुआती चेतावनी वाली रडार प्रणाली पूरी तरह से नष्ट कर दी गई है। यह बेस अमेरिकी सेना के लिए बेहद अहम माना जाता है और मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा अमेरिकी बेस है।
बहरीन में भी ईरान ने बड़ा हमला किया है। यहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया गया। इस हमले से नौसेना के संचालन पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।
सऊदी अरब में भी कई ठिकानों पर हमले
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भी ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया गया है। इस हमले में संचार उपकरणों और कई रिफ्यूलिंग विमानों को नुकसान पहुंचा है। यह बेस अमेरिकी सेना के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। इन हमलों से साफ है कि ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और गहरा गया है।

By Aryavartkranti Bureau

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