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24 Mar 2026, Tue

परिसीमन आयोग, महिला आरक्षण…सरकार लाएगी संशोधन बिल, अमित शाह ने संभाला मोर्चा, विपक्ष से चर्चा

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने के लिए परिसीमन की प्रक्रिया में तेजी ला दी है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इस सप्ताह के अंत तक यानि शनिवार या रविवार को परिसीमन आयोग विधेयक और संवैधानिक संशोधन पेश करने की योजना बना रही है। इस सिलसिले में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्तावित विधेयक पर व्यापक सहमति बनाने के लिए कांग्रेस के अलावा कई विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत की।
गृहमंत्री के साथ विपक्ष की बैठक में उपस्थित नेताओं में एनसीपी की सुप्रिया सुले, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, बीजद के सस्मित पात्रा और वाईएसआर कांग्रेस के मिथुन रेड्डी के अलावा समाजवादी पार्टी से भी नेता शामिल थे। बैठक के बाद विपक्ष से वाईआरसीपी ने बिल को लेकर अपनी सकारात्मक रुख दिखाया।
सोमवार को ही शाम में गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में एनडीए के सहयोगी दलों के दोनों सदनों के नेताओं की एक अहम बैठक हुई, जिसमें महिला आरक्षण को लागू करने को लेकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। एनडीए की सहयोगी टीडीपी समेत कई दक्षिणी राज्यों ने पहले नई जनगणना के आधार पर परिसीमन के तहत संभावित रूप से सीटों के नुकसान को लेकर चिंता जताई थी।
टीडीपी नेता और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पहले आशंका व्यक्त की थी कि अधिक जनसंख्या वृद्धि के कारण उत्तरी राज्यों को अधिक सीटें मिल सकती हैं, जिससे जनसंख्या नियंत्रण में सफल रहे दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है। लेकिन परिसीमन प्रक्रिया को जनसंख्या से अलग करने वाले मौजूदा फॉर्मूलेशन के साथ, टीडीपी ने इस कदम का समर्थन किया है। मिली जानकारी के मुताबिक सीटों में आनुपातिक वृद्धि होने से टीडीपी खुश है। सूत्रों के मुताबिक मुताबिक 2011 की जनगणना को आधार मानकर ही परिसीमन आनुपातिक आधार पर करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या में 50% की वृद्धि की जा सकती है, जिससे लोकसभा में राज्यों का मौजूदा हिस्सेदारी समानुपातिक रूप से बरकरार रहेगा।
लोकसभा में अनुसूचित जाति की सीटें बढ़ेंगी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के लिए आरक्षण में भी 50% की वृद्धि होगी, जिससे लोकसभा में अनुसूचित जाति की सीटें 84 से बढ़कर 126 हो जाएंगी और अनुसूचित जनजाति की सीटें 47 से बढ़कर 70 हो जाएंगी। महिलाओं के लिए कोटा समान रूप से लागू होगा, जिसका अर्थ है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के अंतर्गत एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 126 सीटों में से 46 सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 70 सीटों में से 21 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव है।

लॉटरी से सीटें आरक्षित की जाएंगी
मिली जानकारी के मुताबिक संसद में पेश किए जाने से पहले दोनों विधेयकों को केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने बुधवार को अनुमोदन के लिए रखा जा सकता है। महिलाओं के लिए सीटें लॉटरी द्वारा आरक्षित की जाएंगी जो 15 वर्षों तक वैध रहेंगी, जिसके बाद इसमें बदलाव किए जा सकेगा। नए प्रावधान 2029 के आम चुनावों से लागू होने की संभावना है।

By Aryavartkranti Bureau

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