वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी जनगणना ब्यूरो 2020 के मतदाता आंकड़ों का नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड से मिलान कर जांच कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब तक करीब 12.8 करोड़ मतदाताओं के आंकड़ों की जांच में 24 हजार से ज्यादा गैर-नागरिकों के वोट डालने की जानकारी सामने आई है।
ट्रंप ने कहा कि जनगणना ब्यूरो ने 2020 के मतदाता रिकॉर्ड को नागरिकता संबंधी जानकारी से मिलाकर जांच शुरू की है। उनके अनुसार, शुरुआती 12.8 करोड़ मतदाताओं के विश्लेषण में 24 हजार से अधिक गैर-नागरिकों द्वारा कथित तौर पर अवैध मतदान किए जाने का पता चला है। उन्होंने कहा कि अब अगले 3.2 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाएगा और इससे यह संख्या और बढ़ सकती है।
भारत की चुनाव प्रणाली की तारीफ
ट्रंप ने हाल ही में भारत की चुनाव प्रणाली की भी प्रशंसा की थी। उन्होंने कांग्रेस से ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पारित करने की अपनी मांग दोहराई। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया और मतदाताओं के लिए फोटो पहचान पत्र के इस्तेमाल की बात कही।
ट्रंप के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया था कि वैध फोटो पहचान पत्र के बिना अमेरिका में चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं। ट्रंप ने भारत के हालिया आम चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां करीब 64.6 करोड़ लोगों ने मतदान किया और प्रत्येक मतदाता के लिए वैध फोटो पहचान दस्तावेज जरूरी था।
व्हाइट हाउस ने नागरिकता की शर्त का किया समर्थन
व्हाइट हाउस ने भी संघीय चुनावों में मतदान के लिए नागरिकता की शर्त का समर्थन किया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, प्रस्तावित कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संघीय चुनावों में केवल अमेरिकी नागरिक ही मतदान करें।
व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी चुनावों का फैसला केवल अमेरिकी नागरिकों को करना चाहिए। प्रशासन ने प्रस्तावित विधेयक को ‘समझदारी वाला और द्विदलीय विधेयक’ बताया है।

