पटना। बिहार में पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और बेरोजगारी के मुद्दे पर आरजेडी का राजभवन मार्च पुलिस कार्रवाई के बाद हंगामे में बदल गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जेपी गोलंबर से निकले मार्च में बड़ी संख्या में आरजेडी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि वह जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का जिक्र करते हुए कहा, “हमारे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी जेल में ही हुआ था।” तेजस्वी ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश पर हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को झुकना पड़ेगा और इस तरह काम नहीं चलेगा।
जेपी गोलंबर से शुरू हुआ मार्च
राजभवन मार्च के लिए आरजेडी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जेपी गोलंबर पर जुटे। मार्च शुरू करने से पहले तेजस्वी यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को नमन किया। इसके बाद सभी राजभवन की ओर रवाना हुए। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोकने की कोशिश की।
बैरिकेडिंग टूटी, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
पुलिस की रोक के बावजूद तेजस्वी यादव और उनके समर्थक आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इनकम टैक्स चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए फिर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बाद तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया।
‘सरकार डरी हुई है’
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दों को लेकर डरी हुई है। उन्होंने कहा कि आरजेडी तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण मार्च कर रही थी और छात्रों के अधिकारों, बेरोजगारी, पेपर लीक पर रोक तथा परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
मीसा भारती ने भी सरकार को घेरा
आरजेडी सांसद मीसा भारती ने भी पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों की समस्याओं को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान कथित एके-47 फायरिंग का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ऐसे हथियार के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी थी। उन्होंने कहा कि यदि अनुमति जिला मजिस्ट्रेट की ओर से दी गई थी तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
एके-47 फायरिंग की कमांड चेन सार्वजनिक करने की मांग
तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित फायरिंग को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जवान के पास एके-47 कैसे पहुंची, हथियार किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी किया गया और फायरिंग का आदेश किस अधिकारी ने दिया।
तेजस्वी ने कहा कि केवल आरोपी सिपाही पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने संबंधित जवान की यूनिट, हथियार जारी करने की प्रक्रिया और फायरिंग के आदेश की पूरी कमांड चेन सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही सीवान के एसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना
तेजस्वी यादव ने संसद में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के बयान का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि संसद में गोली चलने से इनकार किया गया, जबकि बिहार सरकार ने अपने शपथपत्र में फायरिंग की बात स्वीकार की है। तेजस्वी ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग दोहराई।
‘बिहार पेपर लीक की राजधानी बन गया’
बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे पर तेजस्वी ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। तेजस्वी ने शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और विकास के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा और आरोप लगाया कि बिहार में कदाचार मुक्त परीक्षाएं और भ्रष्टाचार मुक्त विकास अब भी दूर की बात हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए गोलीकांड की न्यायिक जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। तेजस्वी ने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने की अपील की।

