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17 Jan 2026, Sat

रात के अंधेरे में बांग्लादेशी नौसेना के जहाज का भारत के जल क्षेत्र में अतिक्रमण

बांग्लादेशी नेवी के जहाज ने मारी भारतीय ट्रॉलर को टक्कर, बंगाल के पांच मछुआरे समुन्द्र में लापता

काकद्वीप/कोलकाता । भारत और बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा इलाके में तब तनातनी का माहौल व्याप्त हो गया जब भारतीय जलक्षेत्र में घुस कर बांग्लादेश नेवी के एक जहाज ने एक भारतीय ट्रॉलर को टक्कर मार दी। उक्त घटना की खबर तुरंत सम्बंधित विभाग के द्वारा भारत के उच्च पदाधिकारियों को दी गई है। मिली जानकारी में बताया जा रहा है कि, इंडियन कोस्ट गार्ड और लोकल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि, बांग्लादेश नेवी का एक जहाज बंगाल की खाड़ी में भारतीय जलक्षेत्र में घुस आया और दक्षिण 24 परगना जिले  के काकद्वीप के मछुआरों के एक ट्रॉलर एफबी परमिता दस पर हमला कर दिया। आरोप है कि, एफबी परमिता दस नाम का यह ट्रॉलर रविवार देर रात बांग्लादेश नेवी के एक जहाज के धक्के के बाद समुन्द्र में डूब गया। उक्त घटना के बाद घटना में पांच भारतीय मछुआरे लापता हैं। स्थानीय सूत्रों व अधिकारिक जानकारी के अनुसार उक्त ट्रॉलर में कुल 16 मछुआरे थे। ट्रॉलर के समुन्द्र में डूबने के क्रम में किसी तरह से मछुआरे अपनी जान बचाने व किसी अनहोनी की आशंका से गहरे समुद्र में तैरने लगे। लेकिन तभी डूबते हुए ट्रॉलर एफबी परमिता दस के मालिक का एक और ट्रॉलर भी पास में ही था। उक्त ट्रॉलर में रहें मछुआरों ने समुद्र में तैर रहे 11 काकद्वीप यानी भारतीय मछुआरों को जिन्दा बचा लिया। लेकिन पांच मछुआरों का उक्त खबर के लिखे जाने तक कोई पता नहीं चल सका था। भारतीय तट रक्षकों की टीम उनकी तलाश में समुद्र में अभियान चला रही है। जिस भारतीय ट्रालर को बांग्लादेश के नेवी के जहाज ने टक्कर मारी है वह ट्रॉलर 13 दिसंबर को नामखाना से मछली पकड़ने के लिए समुद्र में निकला था। मछुआरों का आरोप है कि, बिना किसी पूर्व सूचना के बांग्लादेश नेवी के जहाज ने जल सीमा का अतिक्रमण किया व रात अंधेरे में भारतीय जल क्षेत्र में घुसकर भारतीय मछुआरों के ट्रॉलर को टक्कर मार दी। बहारहाल सुंदरबन सामुद्रिक मत्स्यजीवी श्रमिक यूनियन के सचिव सतीनाथ पात्रा ने आज बताया कि,  बांग्लादेशी नेवी या कोस्ट गार्ड ने लाइट बंद करके एक ट्रॉलर को टक्कर मारी। यह अजीब घटना है। उक्त घटना के दौरान कई मछुआरे पानी में गिर गए। एक अन्य ट्रॉलर के द्वारा उन्हें बचाया गया लेकिन अन्य लापता मछुआरों की तलाश जारी है। बता दे कि अभी कई दिनों पहले ही भारत ने 38 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा कर बांग्लादेश भेजा था और बदले में बांग्लादेश ने 47 भारतीय मछुआरों को भारत भेजा है। इन सभी मछुआरों ने अनजाने में समुद्री सीमा का उल्लंघन किया था, जो बंगाल की खाड़ी जैसे साझा मत्स्य क्षेत्रों में एक आम समस्या है। इससे पहले 2025 में 90 बांग्लादेशी और 95 भारतीय मछुआरों की परस्पर रिहाई हो चुकी है। यह रिहाई मानवीय पहल के तहत द्विपक्षीय समन्वय से की गई।

By Aryavartkranti Bureau

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