सुलतानपुर। गोमती मित्रों के लिए रविवार का साप्ताहिक श्रमदान बहुत ज्यादा थकाऊ साबित हुआ कारण दिवाली में पूजन के बाद लोगों नें पिछले वर्ष की प्रतिमा व अवशेष पूजन सामग्री को मां गोमती के तट पर छोड़ दिया। स्थिति इतनी भयावह थी कि नदी का पूरा तट तो भरा ही हुआ था नदी के अंदर से गोमती मित्रों ने कम से कम दो कुंतल कचरा निकाला और यह स्थिति ना नदियों की सेहत के लिए ठीक है ना ही नदियों में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए लेकिन अफसोस गोमती मित्र मंडल की लगातार अपील के बाद भी लोग जागरुक नहीं हो पा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह ने कहा कि अगर स्थिति यही रही तो गोमती नदी के अस्तित्व को बचाना मुश्किल हो जाएगा, उपस्थित गोमती मित्र भी स्थिति को देखकर बहुत पीड़ा में थे और भारी मन से श्रमदान करने के बाद सभी ने शाम को होने वाली आरती की तैयारी की और बड़े ही बोझिल मन से धाम से बाहर निकल गये। श्रमदान में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन, मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी, मुन्ना सोनी, संत कुमार प्रधान, राकेश सिंह दद्दू, महेश प्रताप, अजय प्रताप सिंह, सोनू सिंह, मुन्ना पाठक, राजेंद्र शर्मा, डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह, आलोक तिवारी, अनुज प्रताप सिंह, सुजीत कसौधन, युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा, रामकुमार मौर्य, आयुष, अभय, लड्डू, दीपू, सिंघम, राजन आदि उपस्थित रहे।